चंडीगढ़: आज सुबह से ही सिटी ब्यूटीफुल की सड़कें और गलियां सतरंगी रंगों में सराबोर नजर आईं। होली के इस पावन पर्व पर बच्चों की टोलियां हाथों में रंग-बिरंगी पिचकारियां लिए घर से बाहर निकल पड़ीं। शहर के कोने-कोने में लोग एक-दूसरे को गुलाल लगाकर गले मिलते दिखे, जिससे आपसी भाईचारे की एक अनुपम मिसाल पेश हुई। इस बार की होली केवल स्थानीय निवासियों तक सीमित नहीं रही, बल्कि भारत की मिट्टी से जुड़े वे लोग भी इस जश्न का हिस्सा बने जो सात समंदर पार विदेशों में बस चुके हैं। अपनों के बीच होली मनाने की तड़प उन्हें वापस अपनी जड़ों की ओर खींच लाई। स्मृतियों के गलियारों में फिर लौटे परदेसी यूके से आए प्रिंस ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए बताया कि पिछले दो वर्षों से वे इस त्योहार की रौनक को बहुत याद कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आज इस पवित्र पर्व पर अपनों के साथ खूब आनंद लिया और रंगों के बीच पुरानी यादें ताजा हो गईं। वहीं यूके से ही आई ट्विंकल ने भी बातचीत के दौरान भावुक होते हुए कहा कि चंडीगढ़ की होली ने उनकी पुरानी …
