
रूपनगर: प्राकृतिक आपदाएं बिना दस्तक दिए आती हैं, लेकिन उनसे निपटने की तैयारी ही जान-माल के नुकसान को कम कर सकती है। इसी उद्देश्य के साथ ‘युवा आपदा मित्र योजना’ के तहत राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन और तैयारियों को लेकर रूपनगर में एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम ने न केवल कैडेट्स को तकनीकी रूप से सशक्त बनाया, बल्कि उनमें आपदा के समय नेतृत्व करने का आत्मविश्वास भी भरा। 21 पीबी बटालियन के एनसीसी कैडेट्स के लिए यह दिन एक परीक्षा और पाठशाला दोनों साबित हुआ, जहाँ उन्होंने किताबी ज्ञान को धरातल पर उतारते हुए अपनी सक्षमता का प्रदर्शन किया। खतरों की पहचान और मैपिंग का हुनर कार्यक्रम का आगाज समूहवार एचवीआरसी (Hazard, Vulnerability, Risk, and Capacity) प्रस्तुति के साथ हुआ। कैडेट्स ने अपने कौशल का परिचय देते हुए परिसर क्षेत्र की विस्तृत ‘हर्जाड मैपिंग’ पेश की। इस प्रस्तुति के माध्यम से कैडेट्स ने यह दिखाया कि किसी आपदा के आने से पहले संभावित खतरों और जोखिमों की पहचान कैसे की जाती है। कर्नल आर के चौहान ने स्वयं इस सत्र में भाग लिया और कैडेट्स के साथ सीधा संवाद किया। …


