जालंधर: आधुनिक खगोलीय घटनाओं की श्रृंखला में वर्ष 2026 का प्रथम ग्रस्तोदय खग्रास चंद्र ग्रहण 3 मार्च, मंगलवार को लगने जा रहा है। एस्ट्रोगुरु ओ.पी. भारद्वाज जी द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, यह ग्रहण भारतीय मानक समय के अनुसार दोपहर बाद 3:20 बजे स्पर्श प्रारंभ होगा। ग्रहण का मध्य काल शाम 5:04 बजे होगा और मोक्ष शाम 6:47 बजे पर होगा। जालंधर सहित पंजाब के कई हिस्सों में ग्रहण का पर्वकाल लगभग 20 मिनट का रहेगा। चूंकि यह ग्रहण ग्रस्तोदय है, इसलिए चंद्रमा ग्रहण की अवस्था में ही उदित होगा, जिससे कई स्थानों पर पूर्ण पर्वकाल दृश्य नहीं होगा। सूतक काल और वर्जित कार्य धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस ग्रहण का सूतक काल 3 मार्च को सुबह 6:20 बजे से ही प्रारंभ हो जाएगा। सूतक काल के दौरान मंदिर प्रवेश, मूर्ति स्पर्श, पूजा-पाठ और हवन जैसे कार्य पूरी तरह वर्जित रहेंगे। ज्योतिषाचार्य ने बताया कि इस समय में भोजन बनाना और ग्रहण करना भी निषेध है। विशेषकर गर्भवती महिलाओं को सलाह दी गई है कि वे ग्रहण के दौरान सब्जी काटने या नुकीली वस्तुओं का उपयोग करने से बचें। घर में पहले से …
