चंडीगढ़: चंडीगढ़ के वार्ड नंबर 14 के पार्षद स. कुलजीत सिंह संधू नगर निगम और प्रशासन की कार्यप्रणाली से खासे नाराज थे, जिसके चलते उन्होंने धरना-प्रदर्शन की चेतावनी दी थी। हालांकि, उनकी चेतावनी का तत्काल असर हुआ और सड़क का काम आज ही शुरू हो गया।
सड़कें खस्ताहाल, अफसरशाही हावी
पूरा चंडीगढ़ शहर इस समय गड्ढों और टूटी सड़कों से परेशान है। आम जनता का कहना है कि चंडीगढ़ में अफसरशाही इस कदर हावी है कि अधिकारी काम करने के बजाय बंद कमरों में बैठे रहते हैं। इसी बात से नाराज होकर पार्षद संधू ने प्रशासन को सीधे चेतावनी दी थी कि अगर उनकी समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया गया तो वे धरना-प्रदर्शन करेंगे।
कुलजीत सिंह संधू ने विशेष रूप से जंगल रोड (चितकारा स्कूल, पीजीआई, धनास रोड) की खस्ताहालत का जिक्र किया, जहां बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। उन्होंने बताया कि इन गड्ढों के कारण कई लोग चोटिल हो चुके हैं और कई लोगों को गंभीर चोटें आई हैं। संधू ने आरोप लगाया कि प्रशासन ‘कुंभकर्ण की नींद’ सोया हुआ है और उसे जगाने के लिए धरना-प्रदर्शन ही एकमात्र उपाय था।
चेतावनी का असर: काम शुरू, पार्षद ने जताया धन्यवाद
पार्षद संधू की चेतावनी का असर यह हुआ कि जिस सड़क की मरम्मत की मांग की जा रही थी, उसका काम आज ही शुरू हो गया। काम शुरू होने के बाद स. कुलजीत सिंह संधू ने प्रशासन का धन्यवाद किया। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह काम जल्द ही पूरा होगा और जनता को टूटी सड़कों और गड्ढों से निजात मिलेगी। यह घटना दर्शाती है कि जनता के चुने हुए प्रतिनिधियों के दबाव से प्रशासन को सक्रिय किया जा सकता है।
