चंडीगढ़: नगर निगम चंडीगढ़ द्वारा सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा फेंकने वाले नागरिकों को ढोल-नगाड़े बजाकर सार्वजनिक रूप से बदनाम करने की प्रस्तावित कार्रवाई का आम आदमी पार्टी (AAP) के पार्षद दमनप्रीत सिंह बादल ने कड़ा विरोध किया है। उन्होंने इस कार्रवाई को गलत और असंवेदनशील बताया है, और कहा है कि यह न तो सामाजिक रूप से उचित है और न ही कानूनी रूप से।
दमनप्रीत सिंह बादल ने अपने बयान में कहा: “सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा फेंकने वालों पर कार्रवाई होना आवश्यक है, लेकिन उन्हें ढोल-नगाड़े बजाकर बदनाम करना बिल्कुल गलत है। केवल चालान काटना ही उचित और कानूनी तरीका है।” उन्होंने जोर देकर कहा कि निगम अधिकारियों को यह समझना चाहिए कि हर व्यक्ति की अपनी इज्जत होती है, और इस प्रकार किसी को बेइज्जत करना स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि ऐसे अपमानजनक तरीके समाज में नकारात्मकता फैलाते हैं और सहयोग की भावना को कम करते हैं।
जागरूकता और प्रभावी प्रबंधन पर जोर
बादल ने आगे कहा कि सफाई व्यवस्था सुधारने के लिए प्रशासन को जागरूकता बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। उन्होंने जुर्माना प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने और ठोस कचरा प्रबंधन (Solid Waste Management) पर गंभीरता से काम करने की आवश्यकता पर बल दिया। उनका मानना है कि इन उपायों से स्वच्छता को बेहतर ढंग से लागू किया जा सकता है, बजाय इसके कि किसी भी नागरिक को सार्वजनिक रूप से शर्मिंदा किया जाए। आम आदमी पार्टी पार्षद ने यह स्पष्ट कर दिया है कि उनकी पार्टी इस तरह के अपमानजनक तरीकों का समर्थन नहीं करती और वे एक ऐसी प्रणाली के पक्ष में हैं जो नागरिकों की गरिमा का सम्मान करते हुए स्वच्छता सुनिश्चित करे। यह बयान नगर निगम के इस विवादास्पद प्रस्ताव पर एक और राजनीतिक विरोध को दर्शाता है।
