चंडीगढ़ : “धन मोती जिन पुण्य कमाया, गुरु लालां ताई दूध पिलाया”… इन श्रद्धापूर्ण पंक्तियों के साथ आज चंडीगढ़ के सेक्टर-37 सी स्थित कश्यप राजपूत भवन में भक्ति और सेवा का अनूठा संगम देखने को मिला। अमर शहीद बाबा मोती राम मेहरा जी के शहीदी दिवस को समर्पित, कश्यप राजपूत सभा चंडीगढ़ की ओर से विशाल ‘दूध का लंगर’ लगाया गया, जिसमें समाज के हर वर्ग ने बढ़-चढ़कर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
भोर होते ही शुरू हुई सेवा की सरगर्मी
शहादत को याद करते हुए कश्यप समाज के सेवादारों में भारी उत्साह देखा गया। कड़ाके की ठंड के बावजूद सेवादार सुबह 7 बजे ही कश्यप भवन में जुटना शुरू हो गए थे। सुबह 10 बजे अमर शहीद बाबा मोती राम मेहरा और महर्षि कश्यप जी की हजूरी में पूरी श्रद्धा के साथ ‘अरदास’ की गई, जिसके उपरांत लंगर की औपचारिक शुरुआत हुई।
राहगीरों के लिए बना सहारा: गर्म दूध और प्रसाद का वितरण
दोपहर 2 बजे तक चले इस लंगर में सेक्टर-37 से गुजरने वाले हजारों राहगीरों को गर्म दूध के साथ बिस्कुट और रस का प्रसाद वितरित किया गया। सेवा का आलम यह था कि समाज के लोगों ने न केवल श्रम से, बल्कि स्वेच्छा से आर्थिक और अन्य सामग्री का सहयोग देकर इस आयोजन को सफल बनाया।
प्रमुख हस्तियों का हुआ सम्मान
आयोजन के दौरान सभा के चेयरमैन स. कुलवंत सिंह ने अपनी टीम के समर्पण पर गर्व व्यक्त किया। इस विशेष अवसर पर सभा की परंपरा को निभाते हुए वरिष्ठ सदस्यों और पूर्व पदाधिकारियों को सम्मानित किया गया:
- सरोपा भेंट: पूर्व चेयरमैन एन.आर. मेहरा, स. कुलवंत सिंह (होटल वाले) और अन्य गणमान्य सेवादारों को उनकी निस्वार्थ सेवाओं के लिए सरोपा देकर सम्मानित किया गया।
टीम वर्क की मिसाल
चेयरमैन कुलवंत सिंह ने सभी दानी सज्जनों और अपनी पूरी टीम का आभार जताते हुए कहा कि सामूहिक सहयोग से ही ऐसे बड़े धार्मिक और सामाजिक कार्य संपन्न हो पाते हैं। इस मौके पर मुख्य रूप से: तरलोक कुमार, स. जीत सिंह गाडा, स. भूपिंदर सिंह, बिनोद कुमार बिट्टू, कृष्ण कुमार, एल.डी. कश्यप, प्रवीन जी, राजिंदर कुमार, स. नरिन्दर सिंह, मंजीत सिंह, अशोक कुमार, स. गुरदीप सिंह, विजय कुमार, एस.के. बिट्टा, हीरा लाल, पिशोरी लाल और वीना जी सहित सभा के अन्य माननीय सदस्य मौजूद रहे।
संपादकीय दृष्टिकोण: बाबा मोती राम मेहरा जी का बलिदान निस्वार्थ सेवा और मानवता का प्रतीक है। चंडीगढ़ में इस तरह के आयोजन न केवल हमारी सांस्कृतिक विरासत को जीवित रखते हैं, बल्कि समाज में आपसी भाईचारे और सेवा भावना को भी सुदृढ़ करते हैं।





