चंडीगढ़ : कश्यप राजपूत धर्मशाला, चंडीगढ़ में मैनेजमेंट कमेटी की मासिक बैठक चेयरमैन स. कुलवंत सिंह की अध्यक्षता में गरिमापूर्ण तरीके से संपन्न हुई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य धर्मशाला भवन की कार्यप्रणाली की समीक्षा करना और आगामी सुधारों पर चर्चा करना था। बैठक के साथ-साथ लोहड़ी का पावन पर्व भी पारंपरिक उल्लास के साथ मनाया गया।
भवन के रखरखाव और जवाबदेही पर चर्चा
बैठक के दौरान चेयरमैन कुलवंत सिंह ने पिछले महीने की मेंटेनेंस रिपोर्ट और लेखा-जोखा कमेटी के समक्ष रखा। इस अवसर पर कमेटी सदस्यों ने भवन प्रबंधन में आ रही कुछ कमियों को प्रमुखता से उठाया। चेयरमैन ने सदस्यों की बातों को गंभीरता से सुनते हुए आश्वस्त किया कि इन सभी समस्याओं का जल्द से जल्द समाधान किया जाएगा ताकि आने वाले श्रद्धालुओं और सदस्यों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
लोहड़ी का उत्सव: परंपराओं का संगम
बैठक के उपरांत लोहड़ी का त्यौहार बड़ी धूमधाम से मनाया गया। स. कुलवंत सिंह ने सदस्यों को संबोधित करते हुए लोहड़ी के सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि:
- खुशियों का प्रतीक: पंजाब में यह त्यौहार घर में बेटे के जन्म या नए विवाह के बाद आने वाली पहली लोहड़ी पर विशेष उत्साह के साथ मनाया जाता है।
- पतंगोत्सव: उन्होंने पंजाब की समृद्ध परंपरा का जिक्र करते हुए कहा कि इस दिन सुबह से ही आसमान रंग-बिरंगी पतंगों से सज जाता है और लोग बड़े उत्साह के साथ पतंगबाजी करते हैं।
धार्मिक और मांगलिक गीतों के बीच लोहड़ी की पवित्र अग्नि जलाई गई। सभी सदस्यों ने अग्नि के समक्ष माथा टेका और “सुंदर मुंदरिये हो, तेरा कौन विचारा हो…” जैसे पारंपरिक लोक गीत गाकर खुशियां बांटीं।
इन प्रमुख सदस्यों की रही उपस्थिति
इस गरिमामयी कार्यक्रम में स. कुलवंत सिंह (चेयरमैन), तरलोक कुमार, स. जीत सिंह गाडा, विनोद कुमार, स. भूपिंदर सिंह, कृष्ण कुमार, एल. डी. कश्यप, अशोक कुमार, स. नरिंदर सिंह, मनजीत सिंह, प्रवीण कुमार, हीरा लाल, पिशोरी लाल, विजय कुमार, स. अवतार सिंह, राजन और वीना मैडम सहित कई गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे।
