चंडीगढ़: सुबह के 11 बजे का वक्त और सेक्टर 16 के रोज गार्डन की फिजाओं में घुली हजारों गुलाबों की खुशबू ने आज एक नए उत्सव का स्वागत किया। पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने औपचारिक रूप से 54वें रोज फेस्टिवल का उद्घाटन किया, जिसे चंडीगढ़ के दिलों की धड़कन माना जाता है। इस मौके पर नगर निगम और हॉर्टिकल्चर विभाग की वह अथक मेहनत साफ नजर आई, जिसने महीनों तक इन फूलों की देखभाल कर इन्हें सुंदर क्यारियों में पिरोया है। उत्सव का यह दृश्य किसी फिल्मी कैनवास की तरह जीवंत हो उठा, जहां प्रकृति और मानवीय प्रयास एक साथ मुस्कुराते दिखे।
जागरूकता का रंगमंच
फेस्टिवल में केवल फूलों की प्रदर्शनी ही नहीं, बल्कि सामाजिक सरोकारों की झलक भी देखने को मिली। आयोजन स्थल पर विभिन्न स्टॉल लगाकर आम जनमानस को रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़ी महत्वपूर्ण बातों के प्रति जागरूक किया जा रहा है। ‘स्वच्छ आदत से स्वच्छ भारत’ और ‘आदत बदलो, नोट बदलो’ जैसे प्रेरणादायक बैनरों के जरिए नागरिक जिम्मेदारी का संदेश दिया गया। सुरक्षा और आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए चंडीगढ़ पुलिस ने जहां कंट्रोल रूम स्थापित किए हैं, वहीं नगर निगम की ओर से फायर एवं रेस्क्यू सर्विस का भी पुख्ता प्रबंध किया गया है ताकि उत्सव का आनंद निर्बाध बना रहे।
प्रशासक की आध्यात्मिक दृष्टि
प्रेस वार्ता के दौरान जब प्रशासक गुलाब चंद कटारिया से उनकी अनुभूतियों के बारे में पूछा गया, तो उनके शब्दों में एक गहरा दर्शन झलका। उन्होंने कहा कि गुलाब का फूल भगवान का प्रसाद है और स्वयं ईश्वर को भी पुष्प अत्यंत प्रिय हैं। उन्होंने कमल के फूल का उदाहरण देते हुए प्रकृति की महत्ता पर जोर दिया। प्रशासक ने पर्यटकों और स्थानीय निवासियों से आह्वान किया कि जब भी कोई चंडीगढ़ आए, तो उसे रोज गार्डन, रॉक गार्डन, सुखना लेक और बॉटनिकल गार्डन जरूर देखना चाहिए, क्योंकि प्रकृति की यह सुंदरता दिल और दिमाग पर अमिट छाप छोड़ती है।
सत्ता और प्रशासन का जमावड़ा
इस गरिमामयी उद्घाटन समारोह में शहर की प्रशासनिक मशीनरी और जन प्रतिनिधियों की उपस्थिति ने आयोजन की महत्ता को और बढ़ा दिया। प्रशासक के साथ मुख्य सचिव राजेश प्रसाद (IAS), चंडीगढ़ के मेयर सौरभ जोशी, होम सेक्रेटरी सह सेक्रेटरी लोकल गवर्नमेंट मंदीप सिंह बराड़ (IAS) और नगर निगम कमिश्नर अमित कुमार (IAS) सहित विभिन्न विभागों के गणमान्य अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने हॉर्टिकल्चर विभाग के उन कर्मियों की भी सराहना की जिन्होंने हजारों वैरायटी के गुलाबों को इस उत्सव के लिए तैयार किया है।
संपादकीय टिप्पणी: रोज फेस्टिवल केवल फूलों का प्रदर्शन नहीं है, बल्कि यह चंडीगढ़ की ‘सिटी ब्यूटीफुल’ वाली पहचान का वार्षिक उत्सव है। प्रशासक गुलाब चंद कटारिया का फूलों को ‘ईश्वर का प्रसाद’ कहना इस आयोजन को एक सांस्कृतिक और आध्यात्मिक गरिमा प्रदान करता है। नगर निगम द्वारा स्वच्छता और सुरक्षा के प्रति जागरूकता फैलाना यह दर्शाता है कि मनोरंजन के साथ-साथ नागरिक बोध विकसित करना भी आधुनिक प्रशासन की प्राथमिकता बन चुका है। यह आयोजन पर्यटन के साथ-साथ प्रकृति के प्रति मनुष्य के लगाव को और गहरा करने की दिशा में एक सार्थक कदम है।
