धनास: हाउसिंग बोर्ड धनास के शिव भक्तों की टीम द्वारा एक विशाल लंगर का आयोजन किया गया, जो केवल धार्मिक आस्था ही नहीं बल्कि अटूट भाईचारे का भी प्रतीक बन गया। इस आयोजन की सबसे खूबसूरत तस्वीर तब देखने को मिली जब हिंदू और सिख समुदाय के लोगों ने कंधे से कंधा मिलाकर सेवा की और समाज में एकता का संदेश दिया। सुबह से ही धनास की मुख्य सड़क पर सेवादारों का उत्साह चरम पर था और चारों ओर महादेव के प्रति अटूट श्रद्धा का माहौल बना हुआ था।
3कढ़ी-चावल की महक और सुहावना मौसम
रविवार की सुबह न केवल मौसम के मिजाज से सुहावनी थी, बल्कि धनास मेन रोड पर महक रही कढ़ी-चावल की खुशबू ने लोगों के दिन को और भी खुशगवार बना दिया। दोपहर 12 बजे जैसे ही ‘हर-हर महादेव’ और भोले शंकर के जयकारे गूंजे, लंगर की औपचारिक शुरुआत कर दी गई। देखते ही देखते श्रद्धालुओं का भारी हुजूम उमड़ पड़ा और सेवादारों ने पूरी श्रद्धा के साथ प्रसाद वितरण करना शुरू किया।
2राहगीरों की लगी लंबी कतारें
लंगर का आकर्षण ऐसा था कि वहां से गुजरने वाले राहगीर और गाड़ियों में सवार लोग कढ़ी-चावल की खुशबू के आगे अपनी गाड़ियों को ब्रेक लगाने पर मजबूर हो गए। भक्तों की भारी भीड़ के बीच भी व्यवस्था बेहद सुचारू दिखी। आने-जाने वाले लोग प्रसाद ग्रहण कर शिव भक्तों की टीम को आशीर्वाद देते हुए आगे बढ़ रहे थे। भोले बाबा की भक्ति का ऐसा रंग चढ़ा कि हर कोई इस आयोजन की सराहना करता नजर आया।
1श्रद्धा और सेवा का संगम
आयोजन स्थल पर मौजूद सीनियर सिटीजन्स ने इस सफल प्रबंधन पर खुशी जाहिर की। जब उनसे पूछा गया कि इतनी भीड़ को वे कैसे मैनेज कर रहे हैं, तो उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि यह सब भोले बाबा का आशीर्वाद है। उन्होंने गर्व से बताया कि हाउसिंग बोर्ड धनास में इस तरह के धार्मिक और सामाजिक आयोजन होते रहते हैं, जो स्थानीय निवासियों के बीच प्यार और सद्भाव को और मजबूत करते हैं।
संपादकीय टिप्पणी: धनास में आयोजित यह लंगर इस बात का प्रमाण है कि सेवा और भक्ति की कोई सीमा नहीं होती। हिंदू और सिख समुदायों का एक साथ आकर इस तरह के आयोजन का हिस्सा बनना हमारे देश की साझी संस्कृति और ‘वसुधैव कुटुंबकम’ की भावना को दर्शाता है। आज के दौर में, जब समाज को जोड़ने वाले तत्वों की सबसे अधिक आवश्यकता है, ऐसे धार्मिक समागम न केवल लोगों की आस्था को बल देते हैं, बल्कि आपसी प्रेम और भाईचारे को भी नई ऊंचाइयों पर ले जाते हैं।
