चंडीगढ़: बलटाना के निवासियों के लिए एक बड़ी राहत की खबर है, क्योंकि लंबे समय से प्रतीक्षित रेलवे अंडरपास परियोजना अब ज़मीनी स्तर पर साकार होती दिख रही है। गवर्नर गुलाबचंद कटारिया के आशीर्वाद और पवन कुमार शर्मा व प्रताप सिंह राणा के अथक प्रयासों से, इस परियोजना के तहत भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को आज तेज कर दिया गया।
एसडीएम सेंट्रल ने ली स्थानीय लोगों की राय
चंडीगढ़ प्रशासन के एसडीएम सेंट्रल, श्री नवीन कुमार ने रायपुर कलां संपर्क केंद्र में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया। इस बैठक में उन्होंने स्थानीय लोगों से भूमि अधिग्रहण से संबंधित आपत्तियों के बारे में जानकारी ली। जॉइंट एक्शन कमेटी बलटाना का प्रतिनिधित्व कमेटी के अध्यक्ष प्रताप सिंह राणा और जीरकपुर पार्षद हरजीत सिंह मिंटा ने बलटाना के गणमान्य व्यक्तियों के साथ किया।
इस अवसर पर स्थानीय पार्षद हरजीत सिंह, चंडीगढ़ भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश महासचिव श्री रामबीर भट्टी और उप महासचिव शशि शंकर तिवारी, अनिल दूबे और रायपुर कलां गांव की समस्त पंचायत के पदाधिकारी भी उपस्थित थे।
प्रताप सिंह राणा ने जताई नाराजगी, अधिकारियों ने दिया आश्वासन
बैठक के दौरान प्रताप सिंह राणा ने चंडीगढ़ प्रशासन के अधिकारियों के समक्ष अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि यह प्रक्रिया अप्रैल 2025 तक पूरी हो जानी चाहिए थी, लेकिन अब तक यह नहीं हो पाई है। राणा ने अधिकारियों से आग्रह किया कि कृपया जल्द से जल्द इस प्रक्रिया को पूरा करें ताकि रेलवे अंडरपास का निर्माण कार्य समय पर शुरू हो सके। अधिकारियों ने इस प्रक्रिया को एक सप्ताह के भीतर पूरा करने का आश्वासन दिया है।
लंबे संघर्ष का परिणाम
यह परियोजना जॉइंट एक्शन कमेटी बलटाना के एक बहुत लंबे संघर्ष का परिणाम है। इस संघर्ष में भारतीय जनता पार्टी के उप महासचिव शशि शंकर तिवारी, पवन कुमार तिवारी और अन्य तीन लोगों के खिलाफ पर्चा भी दर्ज हुआ था। यह घटना इस बात का प्रमाण है कि स्थानीय लोग इस अंडरपास के निर्माण के लिए कितनी प्रतिबद्धता से काम कर रहे थे। अंडरपास के बनने से बलटाना और आसपास के क्षेत्रों में यातायात की समस्या का समाधान होगा और लोगों को रेलवे ट्रैक पार करने में होने वाली परेशानियों से निजात मिलेगी।
