चंडीगढ़: ‘आई.पी.एस. वाई.पी. कुमार को न्याय दो’ के आह्वान पर आज एक विशाल कैंडल मार्च का आयोजन किया गया, जिसमें समाज के हर वर्ग, हर आयु और हर पृष्ठभूमि के लोग एकजुट होकर शामिल हुए। इस मार्च के माध्यम से लोगों ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि जब बात न्याय और ईमानदारी की होती है, तो पूरा समाज एक स्वर में खड़ा होता है।
न्याय की मांग में एकजुट जनसैलाब
लोगों ने अपने हाथों में जलती हुई मोमबत्तियां और तख्तियां लेकर दिवंगत आई.पी.एस. वाई.पी. कुमार को श्रद्धांजलि अर्पित की। मार्च के दौरान मुख्य मांगें थीं — हरियाणा के डी.जी.पी. की तत्काल गिरफ्तारी हो और रोहतक के एस.पी. को तत्काल बर्खास्त किया जाए।
इस अवसर पर बोलते हुए सचिन गालव ने जोर देकर कहा, “यह आंदोलन किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि उस पूरी व्यवस्था के खिलाफ है जो सच्चाई को कुचलने की कोशिश कर रही है। जब तक आई.पी.एस. वाई.पी. कुमार को न्याय नहीं मिलता, यह लौ बुझने नहीं दी जाएगी।”
ईमानदार अफसर के साथ खड़ा देश
इस शांतिपूर्ण न्याय आंदोलन ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि जब कोई ईमानदार अफसर किसी गलत व्यवस्था का शिकार होता है, तो पूरा देश उसके साथ खड़ा होता है। इस कैंडल मार्च में उमड़ा जनसैलाब इस बात का प्रतीक था कि आम जनता न्याय के लिए प्रतिबद्ध है और किसी भी अन्याय को बर्दाश्त नहीं करेगी।
मार्च में शामिल लोगों ने संकल्प लिया कि न्याय की यह लौ तब तक जलती रहेगी जब तक आई.पी.एस. वाई.पी. कुमार को पूरी तरह से न्याय नहीं मिल जाता।
