चंडीगढ़: शहरी भूमि अभिलेखों और संपत्ति के आंकड़ों में क्रांतिकारी बदलाव लाने के उद्देश्य से शुरू की गई ‘राष्ट्रीय भू-स्थानिक ज्ञान आधारित शहरी आवास भूमि सर्वेक्षण’ (नक्ष) पायलट परियोजना पर आज, गुरुवार, 06/11/2025 को चंडीगढ़ में एक महत्वपूर्ण संयुक्त बैठक का आयोजन किया गया। यह बैठक क्षेत्रीय पार्षद श्री जसबीर सिंह बंटी, नक्ष कार्यक्रम के सरकारी अधिकारियों और स्थानीय निवासियों के बीच संपन्न हुई।
बैठक का उद्देश्य और परिचय
डिजिटल इंडिया भूमि अभिलेख आधुनिकीकरण कार्यक्रम (DILRMP) के अंतर्गत भूमि संसाधन विभाग (DoLR) द्वारा शुरू की गई इस परियोजना का लक्ष्य शहरी क्षेत्रों में भूमि रिकॉर्ड को डिजिटल रूप से आधुनिक बनाना है।
बैठक की शुरुआत क्षेत्रीय पार्षद श्री जसबीर सिंह बंटी द्वारा सरकारी अधिकारियों की टीम का परिचय देने से हुई। इस टीम में सेवानिवृत्त पीसीएस अधिकारी श्री जैन, एसडीई एमसीसी श्री साहिल ठाकुर और एसपीएमयू प्रबंधक श्री राहुल रत्नम शामिल थे। पार्षद ने निवासियों को सर्वेक्षण के उद्देश्यों और लाभों के बारे में भी विस्तार से बताया।
परियोजना के लाभ और सामुदायिक भागीदारी
अधिकारियों ने निवासियों को जानकारी दी कि यह पहल किस प्रकार भूमि अभिलेखों और संपत्ति के आंकड़ों को एकत्रित करने में मदद करेगी। इससे निवासियों को शहरी प्रमाण रिकॉर्ड प्राप्त होंगे, जो भविष्य की शहरी विकास परियोजनाओं को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
बैठक में निवासियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। उन्होंने परियोजना से संबंधित विभिन्न प्रश्न पूछे और अपने बहुमूल्य सुझाव भी दिए। इस सत्र में विचारों का जीवंत आदान-प्रदान हुआ, जिसमें अधिकारियों ने सामुदायिक चिंताओं पर प्रतिक्रिया व्यक्त की और सर्वेक्षण के दायरे को स्पष्ट किया।
क्षेत्रीय पार्षद ने बैठक के समापन पर अधिकारियों और निवासियों, दोनों की सक्रिय भागीदारी और सहयोग के लिए सराहना व्यक्त की। इस बैठक को “उत्पादक और उत्साहवर्धक” बताया गया, जिसने सरकारी कार्यक्रमों में नागरिकों की भागीदारी के महत्व को रेखांकित किया। यह पहल डिजिटल इंडिया के तहत शहरी गवर्नेंस को मज़बूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
