चंडीगढ़: नगर निगम चंडीगढ़ में कूड़ा फेंकने वाले नागरिकों को सार्वजनिक रूप से ढोल बजाकर अपमानित करने के प्रस्ताव का सीनियर डिप्टी मेयर जसवीर सिंह बंटी ने कड़ा विरोध किया है। उन्होंने इस प्रस्ताव को एक गलत परंपरा बताया और स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी किसी भी नागरिक-चाहे वह छोटा हो या बड़ा-के अपमान को किसी भी रूप में स्वीकार नहीं करती। श्री जसवीर सिंह बंटी ने अपने बयान में कहा: “हमारा उद्देश्य चंडीगढ़ को स्वच्छ बनाना है, न कि किसी को शर्मिंदा करना। स्वच्छता लोगों में जागरूकता बढ़ाने और उनकी भागीदारी से ही आएगी, न कि अपमान से।” उन्होंने जोर दिया कि शहर को साफ रखने के लिए नागरिकों में चेतना जगाना और उन्हें अभियान में सक्रिय रूप से शामिल करना अधिक प्रभावी तरीका है। अपमानित करने से लोग सहयोग करने के बजाय शायद दूर हट जाएं।
जागरूकता और जनसहभागिता की अपील
बंटी ने नागरिकों से अपील की कि यदि कोई व्यक्ति सार्वजनिक स्थान पर कूड़ा फेंकता दिखाई दे, तो उसकी फोटो या जानकारी नगर निगम को भेजें। उन्होंने सुझाव दिया कि ऐसे मामलों में एरिया इंस्पेक्टर मौके पर जाकर संबंधित व्यक्ति को नियमों का पालन करने और स्वच्छता बनाए रखने के लिए समझाएं। उनका मानना है कि समझाने और जागरूक करने से लोग अपनी जिम्मेदारी समझेंगे।
इंदौर मॉडल से प्रेरणा
सीनियर डिप्टी मेयर ने स्वच्छता रैंकिंग में लगातार शीर्ष स्थान प्राप्त करने वाले इंदौर शहर का उदाहरण देते हुए कहा कि वे भी चाहते हैं कि चंडीगढ़ देश का नंबर-1 स्वच्छ शहर बने। उन्होंने कहा कि इसके लिए यह आवश्यक है कि हर नागरिक जागरूक हो, अपने कर्तव्यों को समझे, और नगर निगम के साथ मिलकर शहर को साफ रखने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाए। यह सामूहिक प्रयास ही चंडीगढ़ को स्वच्छ और सुंदर बना सकता है।
अंत में, कांग्रेस पार्टी ने स्पष्ट किया कि वह किसी भी नागरिक का अपमान किए बिना, जनसहभागिता और सकारात्मक जागरूकता के माध्यम से चंडीगढ़ को स्वच्छ और सुंदर बनाने के सभी प्रयासों का पूरा समर्थन करती है। यह बयान नगर निगम में स्वच्छता अभियानों की दिशा को लेकर एक नई बहस छेड़ सकता है।
