चंडीगढ़: केंद्र और स्थानीय प्रशासन द्वारा दिया जाने वाला ‘स्वच्छता ही सेवा’ का नारा पोस्टरों और बैनरों में तो बहुत सुंदर लगता है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। चंडीगढ़ के सेक्टर-26 स्थित सब्जी मंडी का सार्वजनिक शौचालय प्रशासन के इन दावों की पोल खोल रहा है। यहां हालात इतने बदतर हैं कि लोगों का वहां से गुजरना भी मुहाल हो गया है और उन्हें नाक पर मास्क या रुमाल रखकर निकलना पड़ता है।
हाई-टेक मंडी का सपना और गंदगी की हकीकत:
विडंबना यह है कि प्रशासन ने यहां ‘हाई-टेक सब्जी मंडी’ के निर्माण कार्य की शुरुआत तो कर दी है, लेकिन बुनियादी सुविधाओं का जनाजा निकला हुआ है। मंडी में आने वाले हजारों लोगों, किसानों और आढ़तियों के लिए मौजूद शौचालय की स्थिति अत्यंत दयनीय है। शौचालय की बाहरी दीवार की जर्जर और गंदी हालत देखकर ही सहज अंदाजा लगाया जा सकता है कि अंदर की दुर्दशा कैसी होगी।
अधिकारियों की अनदेखी पर सवाल:
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह गंदगी और बदबू प्रशासन की लापरवाही का जीता-जागता सबूत है। सवाल यह उठता है कि:
- क्या बातें बड़ी-बड़ी की जाती हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर काम नहीं होता?
- क्या यह बदहाल दीवार और गंदगी किसी प्रशासनिक अधिकारी को दिखाई नहीं देती?
- या फिर जिम्मेदार अधिकारी जानबूझकर आंखें मूंदकर सो रहे हैं?
मंडी में व्यापार करने वाले और खरीदारी करने आए लोगों का कहना है कि हाई-टेक प्रोजेक्ट्स अच्छी बात हैं, लेकिन अगर प्रशासन एक शौचालय की सफाई और रखरखाव भी सुनिश्चित नहीं कर सकता, तो बड़े दावों का क्या फायदा? प्रशासन को कुंभकर्णी नींद से जागकर तुरंत इस ओर ध्यान देने की आवश्यकता है ताकि लोगों को इस नरकीय स्थिति से राहत मिल सके।
