चंडीगढ़/मनीमाजरा: प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा गुरु गोविंद सिंह जी के छोटे साहिबजादों की शहादत को समर्पित ‘वीर बाल दिवस’ मनाने के आह्वान के बाद, आज देशभर में श्रद्धा और सत्कार का माहौल देखने को मिला। इसी कड़ी में चंडीगढ़ के मनीमाजरा में भाजपा के वरिष्ठ नेताओं और स्थानीय संगत के सहयोग से एक भव्य धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें साहिबजादों के अदम्य साहस और बलिदान को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
सुखमनी साहिब के पाठ और कथा से किया निहाल
पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष एवं उपमहापौर श्री जगतार सिंह जग्गा और पूर्व मेयर सर्वजीत कौर की अध्यक्षता में आयोजित इस समागम की शुरुआत श्री सुखमनी साहिब जी के पाठ से हुई। इस अवसर पर विशेष रूप से पहुंचे कथावाचक भाई साहब ने वीर बाल दिवस के गौरवशाली इतिहास पर प्रकाश डाला। उन्होंने बहुत ही सुंदर ढंग से वर्णित किया कि कैसे नन्हे साहिबजादों ने धर्म की रक्षा के लिए अपनी जान न्योछावर कर दी, लेकिन जुल्म के आगे सिर नहीं झुकाया।
भाजपा नेतृत्व की भारी मौजूदगी
इस कार्यक्रम में चंडीगढ़ भाजपा के लगभग सभी बड़े चेहरों ने शिरकत की, जिससे यह आयोजन साहिबजादों की विरासत को स्मरण करने का एक बड़ा मंच बन गया। कार्यक्रम में शामिल होने वाले प्रमुख नेताओं में शामिल थे:
- श्री जतिंदर मल्होत्रा (अध्यक्ष, चंडीगढ़ भाजपा)
- श्री संजय टंडन (वरिष्ठ नेता)
- हरप्रीत कौर बबला व देवेन्द्र बबला
- रामबीर भट्टी (प्रदेश महासचिव) और संजीव राणा (महासचिव)
- अमनदीप सिंह (प्रदेश सचिव) और रवि रावत (प्रदेश मीडिया प्रभारी)
- अनूप गुप्ता, कनवर राणा, जसप्रीत सिंह, सर्वजीत कौर ढिल्लों
- पार्षद दलीप शर्मा, नरेश कुमार, भरत कुमार सहित प्रदेश मंडल के पदाधिकारी और कार्यकर्ता।
सेवा और लंगर: हजारों ने ग्रहण किया प्रसाद
कार्यक्रम के दौरान गुरु का अटूट लंगर भी बरताया गया। भाजपा कार्यकर्ताओं और गुरु के दास सेवादारों ने पूरी तन्मयता के साथ अपनी सेवाएं दीं। हजारों की संख्या में पहुंची संगत ने जहां कथा-कीर्तन श्रवण किया, वहीं सेवादारों ने कतारबद्ध होकर लंगर परोसा।
संपादकीय टिप्पणी: प्रधानमंत्री मोदी द्वारा 26 दिसंबर को ‘वीर बाल दिवस’ के रूप में घोषित करना और सांसदों व जन-प्रतिनिधियों को इसे धार्मिक श्रद्धा के साथ मनाने का संदेश देना, हमारी आने वाली पीढ़ी को अपनी जड़ों और महान शहादत से जोड़ने का एक ऐतिहासिक कदम है। मनीमाजरा में उमड़ी भारी भीड़ इस बात का प्रमाण है कि साहिबजादों का बलिदान आज भी हर भारतीय के हृदय में प्रेरणा का संचार करता है।
