चंडीगढ़: विदेश जाने का सपना दिखाने वाले ‘कबूतरबाज’ एजेंटों का जाल अब रसूखदार लोगों को भी अपनी चपेट में ले रहा है। ताजा मामला कश्यप राजपूत सभा के चेयरमैन सं. कुलवंत सिंह से जुड़ा है, जिनसे अमेरिका का वीजा लगवाने के नाम पर ₹18 लाख की बड़ी धोखाधड़ी की गई है। हालांकि, इस मामले में सबसे चौंकाने वाला पहलू पुलिस की सुस्ती है, जिसने शिकायत के 9 महीने बाद अब जाकर आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
‘अमेरिकन ड्रीम’ दिखाकर लगाया ₹18 लाख का चूना
पीड़ित कुलवंत सिंह ने बताया कि उन्होंने अपनी बेटी और दामाद को अमेरिका भेजने के लिए सोनीपत के एजेंट राजेश शर्मा से संपर्क किया था। एजेंट ने वीजा लगवाने का पूरा भरोसा देते हुए किस्तों में कुल ₹18 लाख ऐंठ लिए। पैसा लेने के बाद आरोपी लंबे समय तक वीजा लगवाने का आश्वासन देता रहा, लेकिन जब काफी समय बीत गया और कुलवंत सिंह ने दबाव बनाया, तो एजेंट राजेश शर्मा टाल-मटोल करने लगा। खुद को ठगा हुआ महसूस कर कुलवंत सिंह ने न्याय के लिए पुलिस का दरवाजा खटखटाया।
9 महीने की देरी: पुलिस की लापरवाही या कुछ और?
इस मामले ने पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विवरण के अनुसार:
- ऑनलाइन शिकायत: कुलवंत सिंह ने 20 मार्च 2025 को ऑनलाइन शिकायत (नंबर: ICMS/2025/008910) दर्ज कराई थी।
- FIR में देरी: शिकायत के बावजूद, इंडस्ट्रियल एरिया पुलिस थाना ने मामला दर्ज करने में करीब 9 महीने का समय लगा दिया।
बड़ा सवाल: आखिर एक गंभीर धोखाधड़ी के मामले में FIR दर्ज करने में इतना लंबा समय क्यों लगा? क्या यह पुलिस की ढिलाई है या फिर रसूखदार ठगों को पर्दे के पीछे से प्रशासनिक संरक्षण प्राप्त है?
जनता के लिए अपील और चेतावनी
चेयरमैन कुलवंत सिंह ने अपनी आपबीती साझा करते हुए आम जनता से अपील की है कि वे विदेश जाने के लिए केवल सर्टिफाइड और रजिस्टर्ड एजेंटों के माध्यम से ही फाइल लगवाएं। लुभावने वादों और फर्जी एजेंटों के झांसे में आकर अपनी मेहनत की कमाई और भविष्य को खतरे में न डालें।
संपादकीय दृष्टिकोण: चंडीगढ़ और आसपास के इलाकों में वीजा धोखाधड़ी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। जब समाज के जिम्मेदार पदों पर बैठे व्यक्तियों के साथ ऐसी ठगी हो सकती है, तो आम नागरिक की सुरक्षा भगवान भरोसे है। पुलिस प्रशासन को यह स्पष्ट करना चाहिए कि 9 महीने तक इस फाइल को ठंडे बस्ते में क्यों रखा गया? ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई ही भविष्य में होने वाली ठगी को रोक सकती है।
