चंडीगढ़: शहर में बढ़ती शीत लहर और कड़ाके की ठंड को देखते हुए ‘राजस्थान परिवार सेवा संस्था’ (पंजीकरण संख्या 5018) द्वारा मानवता की सेवा का एक बड़ा अभियान छेड़ा गया है। संस्था द्वारा कंबल वितरण कार्यक्रम के दूसरे चरण का पहला आयोजन आज राम दरबार इंडस्ट्रियल एरिया फेज 2 स्थित सामुदायिक केंद्र में किया गया। इस पुनीत कार्य में पंजाब के राज्यपाल महामहिम श्री गुलाब चंद कटारिया ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत कर जरूरतमंद परिवारों की मदद की।
महामहिम राज्यपाल ने बढ़ाया सेवादारों का उत्साह
संस्था के अध्यक्ष भेरू गिरी की अध्यक्षता में आयोजित इस समारोह में राज्यपाल श्री गुलाब चंद कटारिया ने अपने कर-कमलों से जरूरतमंदों को कंबल वितरित किए। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि समाज के वंचित वर्ग की सेवा ही ईश्वर की सच्ची पूजा है। राजस्थान परिवार सेवा संस्था जिस प्रकार से प्रवासी और स्थानीय जरूरतमंदों को साथ लेकर चल रही है, वह समाज के लिए एक बेहतरीन नजीर है।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में स्थानीय पार्षद नेहा मुसावत मौजूद रहीं, जिन्होंने संस्था के कार्यों की सराहना करते हुए हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया।
समाजसेवियों और संस्था के स्तंभों का रहा विशेष सहयोग
कार्यक्रम की सफलता में स्थानीय समाजसेवियों का बड़ा योगदान रहा। इनमें प्रमुख रूप से:
- स्थानीय नेतृत्व: अशोक भोमिया, देवी सिंह, डिंपल जरवाल, ममता, आशा, चंदन बैरवा, हिमांशु महावर, आकाश महावर और दीपक गुप्ता का विशेष सहयोग प्राप्त हुआ।
- संस्था के संरक्षक: महेंद्र सिंह जाखड़, ओमप्रकाश शर्मा और गजानंद शर्मा ने पूरी व्यवस्था की निगरानी की।
पूरी टीम ने पेश की सेवा की मिसाल
इस सेवा कार्य को धरातल पर उतारने में संस्था के महासचिव दलबीर सिंह मूंड के साथ पदाधिकारियों और सदस्यों की लंबी फेहरिस्त ने दिन-रात एक किया। वितरण के दौरान गौतम सुराना जैन, हरीश चौधरी, रामकिशन यादव, ओमप्रकाश सेन, कृष्ण डोडा, निर्मल भाटी, संजीव ग्रोवर, मदन सिंह, रामप्रसाद, मोहर सिंह सिसौदिया, ओमकार सिंह, सत्यवीर सिंह, जयवीर सिंह, प्रमोद कुमार, सुमेरमल, पंकज कुमार, विरेन्द्र कुमार, पूनाराम दूधवाल, विजय कुमार, मोहन कुमावत, रामचंद्र, संतोष लाल और लोकेंद्र सिंह सहित अन्य सदस्य मुस्तैदी से डटे रहे।
संपादकीय दृष्टिकोण: चंडीगढ़ जैसे आधुनिक शहर में भी राम दरबार जैसे इलाकों में रहने वाले परिवारों के लिए यह ठंड जानलेवा साबित होती है। राजस्थान परिवार सेवा संस्था का यह प्रयास न केवल उन्हें ठंड से बचाएगा, बल्कि समाज में यह संदेश भी देगा कि कोई भी व्यक्ति खुद को बेसहारा न समझे। राज्यपाल महोदय की उपस्थिति इस बात का प्रमाण है कि सेवा की गूंज शासन की दहलीज तक पहुंचती है।

