चंडीगढ़ : ‘सिटी ब्यूटीफुल’ चंडीगढ़ में पिछले कई दिनों से सर्दी का सितम कम होने का नाम नहीं ले रहा है। कड़ाके की ठंड के साथ-साथ घने कोहरे ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। आलम यह है कि जहां रविवार को छुट्टी के दिन लोग घरों में दुबकने को मजबूर रहे, वहीं सोमवार को काम-काज के पहले दिन भी ठिठुरन ने लोगों की रफ्तार थामे रखी।
दोपहर तक नहीं हुए ‘सूर्य देव’ के दर्शन
घने कोहरे का प्रकोप इस कदर हावी है कि दोपहर तक सूर्य देवता बादलों और धुंध के आंचल में छिपे रहे। वाहन चालकों को दिन में भी लाइटें जलाकर सफर तय करना पड़ा। रात होते ही विजिबिलिटी (दृश्यता) फिर से कम हो गई, जिससे सड़कों पर सन्नाटा पसर गया। स्थानीय निवासियों का कहना है कि उन्होंने काफी अरसे बाद चंडीगढ़ में ऐसी हाड़ कंपा देने वाली सर्दी और लगातार कोहरा देखा है।
बाजारों में रौनक: मूंगफली और अलाव का साथ
भले ही ठंड ने लोगों को परेशान किया है, लेकिन कुछ वर्गों के लिए यह ‘सुनहरा सीजन’ साबित हो रहा है। स्थानीय दुकानदार संजीव कुमार ने बताया कि लोहड़ी के त्यौहार के चलते मूंगफली, रेवड़ी और गज्जक की दुकानों पर खासी भीड़ देखी जा रही है, जिससे उनका व्यापार चमक उठा है। वहीं, गली-मोहल्लों और मुख्य चौकों पर लोग ‘अलाव’ (आग) जलाकर ठंड से राहत पाते नजर आए।
मौसम विभाग की भविष्यवाणी: अभी राहत के आसार नहीं
मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, चंडीगढ़ और आसपास के इलाकों में अगले दो से तीन दिनों तक मौसम का मिजाज ऐसा ही बना रहेगा। विभाग ने तापमान के आंकड़े साझा करते हुए बताया कि:
- अधिकतम तापमान: 16 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
- न्यूनतम तापमान: रात 9 बजे पारा गिरकर 8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।
विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि रात के समय यात्रा करने से बचें और ठंड से बचने के लिए उचित सावधानी बरतें।
संपादकीय दृष्टिकोण: चंडीगढ़ की यह सर्दी इस बार अपने पुराने रिकॉर्ड तोड़ती नजर आ रही है। जहां यह व्यापारियों के लिए लाभ का सौदा है, वहीं बेघर और खुले आसमान के नीचे रहने वाले लोगों के लिए यह परीक्षा की घड़ी है। प्रशासन को चाहिए कि रैन बसेरों और अलाव की व्यवस्था को और पुख्ता करे ताकि कोई भी इस ‘शीत लहर’ का शिकार न हो।
