चंडीगढ़ (हर्ष गोगी): मकर संक्रांति के पावन पर्व पर जहाँ एक ओर चंडीगढ़ वासियों ने आस्था की डुबकी लगाई, वहीं दूसरी ओर कुदरत ने ठंड का ऐसा कहर बरपाया कि पिछले एक दशक के सारे रिकॉर्ड टूट गए। हाड़ कंपा देने वाली इस सर्दी के बीच मानवता की एक खूबसूरत तस्वीर सेक्टर-19 में देखने को मिली, जहाँ समाजसेवियों ने ठिठुरते लोगों को राहत देने का बीड़ा उठाया।
सेक्टर-19 में मानवता की सेवा: चाय और पकौड़ों का लंगर
कड़ाके की ठंड के बीच सेक्टर-19 स्थित मेंटेनेंस बूथ पर सेवाभाव का अनूठा दृश्य देखने को मिला। मकर संक्रांति के उपलक्ष्य में यहाँ गरमा-गरम चाय और पकौड़ों का लंगर लगाया गया। इस नेक पहल ने वहां से गुजरने वाले राहगीरों, रिक्शा चालकों और जरूरतमंदों को न केवल ठंड से राहत दी, बल्कि उनके चेहरे पर मुस्कान भी बिखेरी। आयोजकों ने बताया कि इस भीषण सर्दी में लोगों की सेवा करना ही सच्ची संक्रांति है। राहगीरों ने चाय की चुस्कियों के साथ सेवादारों को ढेर सारी दुआएं और आशीर्वाद दिया।
3.2 डिग्री पर पहुंचा पारा, 10 साल का रिकॉर्ड टूटा
मौसम विभाग के आंकड़ों ने शहरवासियों की कंपकंपी और बढ़ा दी है। बीती रात चंडीगढ़ का न्यूनतम तापमान गिरकर 3.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो पिछले 10 सालों में सबसे कम दर्ज किया गया है। बर्फीली हवाओं और घने कोहरे के कारण विजिबिलिटी बेहद कम रही।
जनजीवन अस्त-व्यस्त, स्कूलों में छुट्टियां बढ़ीं
सर्दी का आलम यह है कि शहर की रफ्तार थम सी गई है। सड़कों पर वाहनों की आवाजाही न के बराबर है और केवल वही लोग घरों से बाहर निकल रहे हैं जिन्हें कोई जरूरी काम है।
- मौसम विभाग का अलर्ट: मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, अभी राहत की कोई उम्मीद नहीं है। आने वाले दिनों में पारा और नीचे लुढ़क सकता है।
- स्कूल बंद: बच्चों की सेहत और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने स्कूलों की छुट्टियों को आगे बढ़ाने का फैसला लिया है।
संपादकीय दृष्टिकोण: मकर संक्रांति पर जब कुदरत अपनी सख्ती दिखा रही थी, तब सेक्टर-19 के लोगों ने आपसी सहयोग और सेवा से यह साबित कर दिया कि समाज की एकजुटता किसी भी मौसम की मार से बड़ी होती है। प्रशासन को भी चाहिए कि रैन बसेरों में अलाव और कंबलों का इंतजाम और पुख्ता करे।

