चंडीगढ़: ट्रांसपोर्ट नगर के गलियारों में अब बदलाव की बयार साफ महसूस की जा रही है, जहाँ दशकों पुरानी समस्याओं का समाधान धरातल पर उतरता दिख रहा है। ट्रांसपोर्ट पदाधिकारियों और प्रशासन के बीच तालमेल की एक नई इबारत लिखते हुए, ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने नगर निगम के गलियारों में दस्तक दी। यह मुलाकात केवल एक औपचारिक बैठक नहीं थी, बल्कि ट्रांसपोर्ट नगर के आधुनिक स्वरूप की नींव को और मजबूत करने का एक प्रयास था, जहाँ विकास कार्यों की समीक्षा के साथ-साथ भविष्य की जरूरतों पर गहन मंथन किया गया।
आभार की एक नई परंपरा
मुलाकात के दौरान ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के प्रधान श्री जसबीर सिंह ने नगर निगम कमिश्नर श्री अमित कुमार का विशेष आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि ट्रक पार्किंग में निर्माणाधीन शेड, सुरक्षा के लिहाज से दीवार पर लगाई गई कटीली तारें, और ड्राइवरों की सुविधा के लिए कैंटीन व जिम जैसे प्रोजेक्ट्स ने ट्रांसपोर्टरों का मनोबल बढ़ाया है। इन कार्यों को समय पर शुरू करने के लिए प्रशासन की सराहना की गई।
अधूरी कड़ियों को जोड़ने की कवायद
एसोसिएशन के उप प्रधान पवन शर्मा ने बैठक के दौरान कमिश्नर के समक्ष उन मुद्दों को प्रमुखता से रखा जो अभी भी पाइपलाइन में हैं। उन्होंने पार्किंग फीस के पारदर्शी प्रबंधन, सीवरेज सिस्टम की सफाई, टूटी हुई सड़कों की मरम्मत, और सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरों के साथ-साथ बेहतर बिजली व्यवस्था की मांग रखी। इन मांगों का उद्देश्य ट्रांसपोर्ट नगर को एक सुरक्षित और सुव्यवस्थित कमर्शियल हब बनाना है।
सुनहरे भविष्य का आश्वासन
नगर निगम कमिश्नर श्री अमित कुमार ने ट्रांसपोर्टरों की मांगों को ध्यानपूर्वक सुना और सभी लंबित विकास कार्यों को जल्द से जल्द पूर्ण करवाने का पुख्ता आश्वासन दिया। पवन शर्मा ने इस दौरान स्पष्ट किया कि श्री के.के. अबरोल के मार्गदर्शन और प्रधान जसबीर सिंह के कुशल नेतृत्व में हो रहे इन कार्यों से पूरा ट्रांसपोर्ट जगत संतुष्ट है। प्रशासन और स्थानीय नेतृत्व के इस साझा प्रयास ने विकास की रफ्तार को एक नई दिशा दे दी है।
संपादकीय टिप्पणी:
ट्रांसपोर्ट नगर किसी भी शहर की आर्थिक रीढ़ होता है, और यहाँ का बुनियादी ढांचा सीधे तौर पर व्यापारिक सुगमता को प्रभावित करता है। नगर निगम कमिश्नर और ट्रांसपोर्ट पदाधिकारियों के बीच यह संवाद दर्शाता है कि जब प्रशासन और स्टेकहोल्डर्स एक साथ आते हैं, तो जटिल से जटिल समस्याओं का समाधान संभव है। जिम और कैंटीन जैसी सुविधाएं न केवल व्यापार को गति देंगी, बल्कि उन हजारों ड्राइवरों के जीवन स्तर में भी सुधार करेंगी जो दिन-रात सड़कों पर रहते हैं। यह विकास मॉडल अन्य औद्योगिक क्षेत्रों के लिए भी एक मिसाल बन सकता है।

