मोहाली: साहित्य केवल शब्दों का मेल नहीं, बल्कि हृदय की भावनाओं का प्रतिबिंब होता है। इसी दर्शन को जीवंत करते हुए क्वेस्ट ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन्स के साहित्यिक क्लब द्वारा क्यूजीआई परिसर में हिंदी कविता पाठ प्रतियोगिता का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवा पीढ़ी के भीतर हिंदी साहित्य के प्रति अनुराग पैदा करना और उन्हें कविता जैसे सशक्त माध्यम से अपनी रचनात्मकता को व्यक्त करने के लिए एक मंच प्रदान करना था। परिसर के सभागार में जब विद्यार्थियों ने अपनी रचनाओं का पाठ शुरू किया, तो पूरा वातावरण साहित्यिक रस में सराबोर हो गया।
विषयों की विविधता और युवा अभिव्यक्ति
प्रतियोगिता के दौरान विभिन्न पाठ्यक्रमों के विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। प्रतिभागियों ने देशभक्ति के ज्वलंत जज्बे से लेकर समाज की कड़वी सच्चाइयों, प्रकृति के सौंदर्य और मानवीय संवेदनाओं के नाजुक पहलुओं पर अपनी कविताओं का प्रभावशाली पाठ किया। विद्यार्थियों की प्रस्तुति में न केवल शब्दों का चयन सटीक था, बल्कि उनके पाठ करने के ढंग ने दर्शकों और निर्णायकों को सोचने पर मजबूर कर दिया। यह आयोजन सिद्ध कर गया कि तकनीकी शिक्षा के साथ-साथ युवा मन में साहित्यिक संवेदनाएं भी पूरी शिद्दत से जीवित हैं।
प्रतिष्ठित निर्णायक का मार्गदर्शन
इस प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल की भूमिका डॉ. संगम वर्मा ने निभाई, जो गवर्नमेंट कॉलेज फॉर गर्ल्स (जीसीजी), सेक्टर-11, चंडीगढ़ में सहायक प्रोफेसर के पद पर कार्यरत हैं। क्षेत्र के एक प्रतिष्ठित शिक्षाविद् होने के नाते डॉ. वर्मा ने प्रत्येक प्रतिभागी के आत्मविश्वास और उनकी अभिव्यक्ति की गहराई को बारीकी से परखा। उन्होंने विद्यार्थियों के प्रदर्शन की सराहना की और युवा कवियों को उनके साहित्यिक कौशल, उच्चारण की शुद्धता और मंच संचालन को और अधिक निखारने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव व व्यावहारिक दिशा-निर्देश प्रदान किए।
प्रतिभा का सम्मान और उज्ज्वल भविष्य
प्रतियोगिता के कड़े मुकाबले में सैयद (एमबीए प्रथम वर्ष) ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि मृत्युंजय (बी.टेक एआई-एमएल चतुर्थ वर्ष) और नित्या (बी.टेक एआई चतुर्थ वर्ष) भी विजेता सूची में शामिल रहे। इसके अतिरिक्त सबा खातून, सिमरनज्योत कौर और जसप्रीत को उनके शानदार प्रदर्शन के लिए सांत्वना पुरस्कार से नवाजा गया। कार्यक्रम का समापन आयोजकों और निर्णायकों के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। यह प्रतियोगिता न केवल प्रतिभाओं को निखारने का जरिया बनी, बल्कि विद्यार्थियों का हिंदी भाषा और साहित्य के साथ अटूट संबंध स्थापित करने में भी मील का पत्थर साबित हुई।
संपादकीय टिप्पणी:
तकनीकी और पेशेवर शिक्षा के माहौल में हिंदी कविता पाठ जैसी प्रतियोगिताओं का आयोजन विद्यार्थियों के भावनात्मक विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है। क्वेस्ट ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन्स की यह पहल सराहनीय है क्योंकि यह युवाओं को अपनी जड़ों और अपनी भाषा से जुड़ने का अवसर प्रदान करती है। कविता पाठ केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि आत्मविश्वास निर्माण और सार्वजनिक अभिव्यक्ति का एक सशक्त माध्यम है। ऐसे कार्यक्रम यह सुनिश्चित करते हैं कि भविष्य के पेशेवर न केवल तकनीकी रूप से सक्षम होंगे, बल्कि वे सामाजिक और साहित्यिक रूप से भी संवेदनशील नागरिक बनेंगे।
