चंडीगढ़: चंडीगढ़ नगर निगम की सबसे प्रभावशाली समितियों में शुमार फाइनेंस एंड कॉन्ट्रैक्ट कमेटी (एफसीसी) के चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। चंडीगढ़ कांग्रेस के अध्यक्ष श्री एच. एस. लकी ने पार्टी की रणनीति को स्पष्ट करते हुए पार्षद जसबीर सिंह बंटी को कांग्रेस की ओर से अधिकृत उम्मीदवार नियुक्त करने की घोषणा की है। यह निर्णय न केवल पार्टी की आंतरिक एकजुटता को दर्शाता है, बल्कि नगर निगम के भीतर महत्वपूर्ण वित्तीय और विकास संबंधी निर्णयों पर अपनी पकड़ मजबूत करने की कांग्रेस की योजना का भी हिस्सा है।
सत्ता के केंद्र में अनुभव की दावेदारी
पार्टी अध्यक्ष श्री एच. एस. लकी ने इस नियुक्ति के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि एफसीसी जनरल हाउस के बाद नगर निगम की सबसे शक्तिशाली इकाई है। शहर के विकास कार्यों की रूपरेखा, बड़े ठेकों की मंजूरी और वित्तीय आवंटन जैसे महत्वपूर्ण फैसले इसी कमेटी के हाथों में होते हैं। ऐसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी के लिए जसबीर सिंह बंटी का चयन उनके लंबे प्रशासनिक अनुभव और जनसेवा के प्रति अटूट समर्पण को देखते हुए किया गया है। लकी ने स्पष्ट किया कि पार्टी को एक ऐसे चेहरे की जरूरत थी जो शहर के खजाने और विकास के बीच एक ईमानदार संतुलन बना सके।
एकजुटता का संदेश और समर्थन
जसबीर सिंह बंटी की उम्मीदवारी को नगर निगम के भीतर भी मजबूत आधार मिला है। इस महत्वपूर्ण नामांकन के अवसर पर पार्षद सचिन यादव ने प्रस्तावक (प्रपोजर) के रूप में अपना नाम आगे बढ़ाया, जबकि पार्षद गुरप्रीत सिंह गापी ने समर्थक (सेकेंडर) की भूमिका निभाकर इस दावेदारी को संवैधानिक रूप से पुख्ता किया। पार्षदों की इस त्रिमूर्ति ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि कांग्रेस पार्टी सदन के भीतर एक संगठित ईकाई के रूप में काम कर रही है, जिसका उद्देश्य केवल विरोध करना नहीं बल्कि विकास की प्रक्रिया में प्रभावी हस्तक्षेप करना है।
विकास के नए रोडमैप का संकल्प
उम्मीदवारी की घोषणा करते हुए कांग्रेस नेतृत्व ने चंडीगढ़ के समग्र और संतुलित विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। पार्टी का मानना है कि जसबीर सिंह बंटी की ईमानदार कार्यशैली एफसीसी के भीतर जनता के हितों की रक्षा करने में मददगार साबित होगी। श्री एच. एस. लकी ने विश्वास जताया कि बंटी न केवल विकास परियोजनाओं को नई गति देंगे, बल्कि यह भी सुनिश्चित करेंगे कि सार्वजनिक धन का उपयोग पारदर्शिता के साथ शहर की बेहतरीन के लिए हो। यह नियुक्ति आने वाले समय में नगर निगम की कार्यप्रणाली में कांग्रेस के बढ़ते प्रभाव का संकेत दे रही है।
संपादकीय टिप्पणी:
चंडीगढ़ नगर निगम की राजनीति में एफसीसी का चुनाव केवल एक पद की लड़ाई नहीं, बल्कि शहर के वित्तीय नियंत्रण की चाबी हासिल करने का जरिया है। जसबीर सिंह बंटी जैसे अनुभवी पार्षद को मैदान में उतारकर कांग्रेस ने यह साफ कर दिया है कि वह विकास के मुद्दों पर किसी भी प्रकार का समझौता करने के मूड में नहीं है। एफसीसी में होने वाली चर्चाएं शहर की सूरत तय करती हैं, ऐसे में एक सक्रिय विपक्ष की मौजूदगी लोकतांत्रिक संतुलन के लिए अनिवार्य है। अब देखना यह होगा कि यह नामांकन सदन के भीतर अन्य दलों के समीकरणों को किस तरह प्रभावित करता है।
