चंडीगढ़: चंडीगढ़ के सेक्टर 38सी निवासी सूरज प्रकाश, जो सेक्टर 16 अस्पताल से सेवानिवृत्त फार्मासिस्ट थे, ने आज सुबह सेक्टर 19 गुरुद्वारा की तीसरी मंजिल की छत से कूदकर आत्महत्या कर ली। इस घटना से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है।
सुबह मिली सूचना, पुलिस ने शुरू की जांच
गुरुद्वारा प्रबंधक को सुबह 7:30 बजे घटना की सूचना मिली, जिसके बाद उन्होंने कंट्रोल रूम के माध्यम से सेक्टर 19 थाना पुलिस को जानकारी दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया कि मृतक वीरवार (गुरुवार) शाम 6:30 बजे गुरुद्वारा आया था। सुबह उसका शरीर अकड़ा हुआ मिला, जिससे यह अनुमान लगाया जा रहा है कि उसने देर रात यह कदम उठाया होगा। हालांकि, आधिकारिक तौर पर पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह साफ हो पाएगी।
कार से बरामद सुसाइड नोट और वसीयत का जिक्र
जांच पड़ताल के दौरान पुलिस को मृतक की वैगन-आर कार गुरुद्वारा के पीछे खड़ी मिली। कार के अंदर एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ, जो पत्र के रूप में था। इस नोट में मृतक ने अपने द्वारा उठाए गए इस कदम के लिए किसी को भी जिम्मेदार नहीं ठहराया है। पुलिस के अनुसार, कार से मिले पत्र में एक दिन पहले कराई गई वसीयत का जिक्र था। वसीयत में अपनी पत्नी और दोनों बेटों के नाम संपत्ति का उल्लेख किया गया था और उसमें एक-दूसरे की चिंता के बारे में भी जिक्र था।
आंखों की रोशनी जाने की चिंता बनी वजह
परिजनों के मुताबिक, सूरज प्रकाश चार-पांच साल पहले सेक्टर 16 अस्पताल से फार्मासिस्ट के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। वह मरीजों को बहुत चाहते थे और जरूरतमंद लोगों को मुफ्त सेवा भी देते थे। पिछले कुछ समय से वह अपनी आंखों की रोशनी कम होने की समस्या से परेशान चल रहे थे। परिजनों का कहना है कि इसी चिंता में वह सोचते थे कि अगर उनकी आंखों की रोशनी पूरी तरह चली गई, तो वह अपने मरीजों का इलाज कैसे कर पाएंगे। आशंका जताई जा रही है कि इसी मानसिक परेशानी के चलते उन्होंने यह आत्मघाती कदम उठाया होगा। हालांकि, जैसा कि सुसाइड नोट में भी किसी को जिम्मेदार नहीं ठहराया गया है, यह उनके आंतरिक संघर्ष का परिणाम प्रतीत होता है।

