चंडीगढ़: सिखों के प्रथम गुरु, धन धन श्री गुरु नानक देव जी के 556वें पावन जन्म दिवस के अवसर पर आज चंडीगढ़ में एक विशाल नगर कीर्तन का आयोजन किया गया। यह नगर कीर्तन सुबह सेक्टर 19 स्थित गुरुद्वारा श्री सिंह सभा से आरंभ हुआ, जिसमें शामिल होने के लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा।
आस्था और सुंदरता का संगम
लगभग 11 बजे, श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की पालकी का आगमन हुआ। पालकी को गेंदों के सुंदर फूलों से सजाया गया था, जिसकी मनमोहक सुंदरता ने सभी श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। 12 बजे के करीब भाई साहिब द्वारा हुक्मनामा सुनाया गया और उसके बाद अरदास की गई। गुरुद्वारा श्री सिंह सभा के प्रधान स. गुरबक्श सिंह के आदेशानुसार नगर कीर्तन ने प्रस्थान किया। नगर कीर्तन सेक्टर 19, 27, 28, 29, 30, 20, 21, 22 और 23 सहित कई सेक्टरों से गुज़रा। इन सेक्टरों की मार्केट कमेटियों और श्रद्धालुओं द्वारा अलग-अलग तरह के व्यंजनों के स्टॉल लगाए गए थे, जिन्होंने लोगों को अपनी ओर आकर्षित किया। श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक लंगर का आनंद लिया।
समापन और बधाई संदेश
नगर कीर्तन का समापन सेक्टर 15 स्थित श्री गुरु तेग बहादुर गुरुद्वारा में हुआ। इस गुरुद्वारा के प्रधान स. गुरप्रताप सिंह रियाड़ ने नगर कीर्तन का बहुत ही शानदार ढंग से स्वागत किया। समापन पर ज़बरदस्त आतिशबाजी का भव्य नज़ारा देखने को मिला। स. गुरप्रताप सिंह रियाड़ ने इस मौके पर सभी देशवासियों को श्री गुरु नानक देव जी के जन्म दिवस की लख-लख बधाई का संदेश दिया।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि: बता दें कि सिख धर्म के प्रवर्तक श्री गुरु नानक देव जी का जन्म 15 अप्रैल 1469 को ननकाना साहिब, पंजाब (पाकिस्तान) में हुआ था। उनके अनुयायी उन्हें नानक देव जी, बाबा नानक और नानक शाह जैसे नामों से संबोधित करते हैं।

