चंडीगढ़: धनास स्थित हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में आज शाम उस समय अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया, जब बंदरों के एक बड़े झुंड (फौज) ने निवासियों का घरों से बाहर निकलना मुश्किल कर दिया। करीब एक घंटे तक लोग डर के मारे अपने घरों में कैद रहे और छोटे बच्चे सहमे हुए दिखे। बंदरों के इस झुंड ने घरों में घुसकर जो भी सामान मिला, उसे उठाकर ले गए। स्थानीय लोगों के अनुसार, यह समस्या केवल हाउसिंग बोर्ड तक सीमित नहीं है। साथ लगती मिल्क कॉलोनी और अमन चमन कॉलोनी का भी यही हाल है, जिसके चलते लोग दहशत में हैं। बंदरों के काटने की शिकायतें भी लगातार आ रही हैं, जिससे निवासियों में भय का माहौल है।
वन्यजीव विभाग की अजीब सलाह:
जब स्थानीय लोगों ने वन्यजीव विभाग (वाइल्डलाइफ) से इस संबंध में शिकायत की, तो उनका जवाब चौंकाने वाला था। विभाग ने कहा कि, “हम आ तो जाते हैं, लेकिन वे (बंदर) पकड़े नहीं जाते क्योंकि वे भाग जाते हैं। इससे बढ़िया काम आप पटाखें चलायें, वे भाग जाएंगे।” इसके बाद लोगों ने स्वयं पटाखें चलाने शुरू किए, जिससे कुछ समय के लिए बंदर भागे और निवासियों ने राहत की सांस ली। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि इस बढ़ते हुए बंदरों के आतंक से बचाने के लिए कोई ठोस कदम उठाया जाए। वन्यजीव विभाग की इस तरह की प्रतिक्रिया से यह सवाल उठ रहा है कि क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे या नुकसान का इंतजार कर रहा है, या फिर उनकी प्राथमिकता में लोगों की सुरक्षा शामिल नहीं है।

