चंडीगढ़: चंडीगढ़ में बढ़ते अपराध के ग्राफ ने आम जनता के मन में डर का माहौल पैदा कर दिया है। शहर की शांति को भंग करने वाली हालिया आपराधिक घटनाओं ने प्रशासन की नींद उड़ा दी थी, जिसके बाद अब खाकी पूरी तरह से एक्शन मोड में नजर आ रही है। शहर की सड़कों पर पसरे सन्नाटे को अब पुलिस की सायरन और नाकाबंदी की गूंज तोड़ रही है। हर प्रमुख चौराहे और एंट्री पॉइंट को छावनी में तब्दील कर दिया गया है, ताकि नागरिकों के भीतर सुरक्षा का भाव वापस लाया जा सके।
खौफ के साये में सुरक्षा का नया संकल्प
एसएसपी कंवरदीप कौर ने भविष्य में किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं। उनके आदेश के बाद पूरे शहर में बैरिकेड्स लगा दिए गए हैं और आने-जाने वाली हर संदिग्ध गाड़ी की गहन तलाशी ली जा रही है। पुलिस का यह अभियान महज दिखावा नहीं है, बल्कि आंकड़ों में भी इसकी सख्ती नजर आ रही है। हर रोज औसतन 150 से 200 गाड़ियों के चालान काटे जा रहे हैं। जिन वाहनों के पास वैध दस्तावेज नहीं मिल रहे, उन्हें मौके पर ही इंपाउंड किया जा रहा है।
पांच दिनों का कड़ा प्रहार और सख्त कार्रवाई
पिछले पांच दिनों के विशेष चेकिंग अभियान के दौरान पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए लगभग 120 से 130 गाड़ियों को जब्त किया है। केवल चालान काटना ही पुलिस का मकसद नहीं है, बल्कि सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए गाड़ियों के नंबरों और उनमें सवार व्यक्तियों के पतों की बाकायदा एंट्री की जा रही है। पुलिस विभाग पूरी सतर्कता के साथ अपनी ड्यूटी निभा रहा है ताकि शहर का कोई भी कोना अपराधियों के लिए सुरक्षित न रहे।
निराधार आरोपों और जमीनी हकीकत का सामना
जहाँ एक तरफ पुलिस मुस्तैद है, वहीं कुछ न्यूज़ चैनल बेवजह पुलिस विभाग की छवि खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। इन चैनलों का दावा है कि कई जगहों पर नाकों से गुजरने के दौरान उन्हें रोका नहीं गया। हालांकि, जब हमारे पत्रकार ने खुद नाकों का दौरा किया, तो हकीकत कुछ और ही निकली। सेक्टर 22/17 बस स्टैंड के सामने सुबह 8:40 बजे ही पुलिस मुस्तैदी से चेकिंग कर रही थी। इसके अलावा सेक्टर 18/19 झील रोड और सेक्टर 21/18 बस स्टैंड रोड पर भी अलग-अलग समय पर पुलिस का सख्त पहरा देखा गया।
सुरक्षा की ढाल और जनता का भरोसा
पुलिस विभाग का मुख्य उद्देश्य चंडीगढ़ निवासियों को अपराध के डर से मुक्ति दिलाना है। शाम के 3:30 बजे हों या सुबह की पहली किरण, पुलिसकर्मी अपनी ड्यूटी पर डटे हुए हैं। यह अभियान न केवल ट्रैफिक नियमों के पालन के लिए है, बल्कि असामाजिक तत्वों को यह कड़ा संदेश देने के लिए भी है कि चंडीगढ़ में कानून का राज कायम है। इस सख्ती का असर अब शहर की सड़कों पर साफ दिखाई देने लगा है।
संपादकीय टिप्पणी:
चंडीगढ़ पुलिस द्वारा शुरू किया गया यह गहन चेकिंग अभियान शहर में कानून-व्यवस्था को पुनः स्थापित करने की दिशा में एक अनिवार्य कदम है। जब अपराध की घटनाएं जनमानस में असुरक्षा का बीज बोने लगें, तो प्रशासन की ऐसी सक्रियता ही जनता का विश्वास बहाल करती है। हालांकि, कुछ मीडिया घरानों द्वारा की जा रही नकारात्मक रिपोर्टिंग पुलिस के मनोबल को प्रभावित कर सकती है, जबकि जमीनी हकीकत पुलिस की मुस्तैदी की गवाही दे रही है। एसएसपी का यह कड़ा रुख न केवल वर्तमान अपराधों पर लगाम लगाएगा, बल्कि भविष्य के अपराधियों के लिए भी एक स्पष्ट चेतावनी है।
