जम्मू: जम्मू रेलवे स्टेशन, जो कि खूबसूरत जम्मू-कश्मीर की यात्रा का प्रवेश द्वार है और जहां से लाखों श्रद्धालु माता वैष्णो देवी के दर्शन के लिए आगे बढ़ते हैं, उसकी हालत लापरवाही के चलते बेहद खराब हो चुकी है। देखने में भले ही यह स्टेशन सुंदर लगे, लेकिन ज़मीनी हकीकत कुछ और ही बयां करती है।
वेटिंग रूम की दयनीय स्थिति
यदि यात्रीगण को कुछ घंटों के लिए आराम करने के उद्देश्य से वेटिंग रूम में जाना पड़े, तो उन्हें भारी निराशा का सामना करना पड़ेगा। हमारे पत्रकार द्वारा किए गए स्टेशन के दौरे में रेलवे की कई कमियां सामने आईं:
- गंदगी और बदहाली: वेटिंग रूम का दरवाज़ा खुलते ही सामने बड़ी-बड़ी काली दरारें और गंदगी के निशान दिखाई देते हैं।
- टूटे हुए उपकरण: एसी का अगला हिस्सा गायब है, और खिड़की की ग्रिल टूटी हुई है।
- एक जैसी स्थिति: दूसरे वेटिंग रूम का भी यही हाल था, जो दर्शाता है कि यह कोई इकलौती घटना नहीं बल्कि पूरे सिस्टम की लापरवाही है।
चंडीगढ़ से आई एक महिला यात्री ने अपनी नाराज़गी व्यक्त करते हुए कहा, “यह गंदगी स्टेशन पर एक बदनामी का दाग है।”
प्रशासन पर गंभीर सवाल
यह स्थिति कई गंभीर सवाल खड़े करती है:
- क्या यह गंदगी किसी को दिखाई नहीं देती?
- क्या अधिकारी आंखें बंद करके यहां से निकल जाते हैं?
- करोड़ों रुपए खर्च करने के बाद भी क्या रेलवे को केवल यही अव्यवस्था नज़र आती है?
यह स्पष्ट है कि रेलवे प्रशासन को इस ओर ध्यान केंद्रित करना चाहिए और स्टेशन पर स्वच्छता एवं सुविधाओं को सुनिश्चित करना चाहिए, ताकि यात्रियों को एक सुखद अनुभव मिल सके। यह स्टेशन न केवल जम्मू-कश्मीर की पहचान है, बल्कि देश के एक महत्वपूर्ण धार्मिक पर्यटन स्थल का प्रवेश द्वार भी है, इसलिए इसकी छवि को बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है।

