चंडीगढ़: सड़कों पर सुरक्षा और ड्राइवरों के बेहतर स्वास्थ्य को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से, टीसीआई फाउंडेशन (TCI Foundation) और डिस्ट्रिक्ट लीगल सर्विसेज अथॉरिटी (DLSA) ने एक महत्वपूर्ण साझा पहल की है। ‘खुशी – क्लिनिक’ के माध्यम से चंडीगढ़ ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के कार्यालय में ट्रक ड्राइवरों के लिए एक विशेष ‘ड्रग्स जागरूकता सत्र’ आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ड्राइवरों को नशे की दलदल से बचाना और उन्हें एक स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक करना था।
कानूनी और सामाजिक विशेषज्ञों का मार्गदर्शन
सत्र के दौरान विशेषज्ञों ने इस बात पर जोर दिया कि ट्रक ड्राइवरों का स्वास्थ्य सीधे तौर पर सड़क सुरक्षा से जुड़ा है। कार्यक्रम में मुख्य रूप से उपस्थित रहे:
- मनजीत सिंह (सीनियर एडवोकेट, DLSA): उन्होंने ड्राइवरों को नशे के कानूनी परिणामों और इससे होने वाले सामाजिक नुकसान के बारे में विस्तार से बताया।
- जसबीर सिंह गिल (प्रेसिडेंट, चंडीगढ़ ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन): उन्होंने ड्राइवरों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि ट्रांसपोर्ट सेक्टर की मजबूती ड्राइवरों की सेहत और उनकी सतर्कता पर टिकी है।
ड्रग्स: सड़क सुरक्षा और स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा
टीसीआई फाउंडेशन की टीम ने ड्राइवरों को समझाया कि नशे का सेवन न केवल उनके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बर्बाद करता है, बल्कि सड़क पर चलने वाले अन्य निर्दोष लोगों की जान को भी जोखिम में डालता है। सत्र में नशे के कारण होने वाली दुर्घटनाओं, दृष्टि दोष और एकाग्रता की कमी जैसे गंभीर विषयों पर चर्चा की गई।
विशेषज्ञ टीम की सक्रिय भागीदारी
टीसीआई खुशी क्लिनिक की एक पूरी टीम ने इस जागरूकता अभियान को सफल बनाने में अपना योगदान दिया। इस टीम में शामिल थे:
- प्रबंधन एवं परामर्श: प्रोजेक्ट मैनेजर तबस्सुम और काउंसलर राजेश कुमारी ने ड्राइवरों की व्यक्तिगत शंकाओं का समाधान किया।
- स्वास्थ्य जांच एवं शिक्षा: लैब तकनीशियन जसप्रीत कौर, ऑप्टोमेट्रिस्ट काजल, और हेल्थ एजुकेटर सुखविंदर, शुभम व जय सिंह ने ड्राइवरों को नियमित जांच और आंखों की देखभाल के महत्व के बारे में बताया।
- सपोर्ट स्टाफ: विकास कुमार (अकाउंटेंट) और पीयर एजुकेटर्स ने सत्र के सुचारू संचालन में सहयोग किया।
समाज में सकारात्मक बदलाव की उम्मीद
टीसीआई फाउंडेशन और कानूनी सेवा प्राधिकरण का मानना है कि इस प्रकार के संवाद सत्र ड्राइवरों के व्यवहार में सकारात्मक परिवर्तन लाएंगे। कार्यक्रम के अंत में ड्राइवरों ने नशे से दूर रहने और सुरक्षित ड्राइविंग का संकल्प लिया। फाउंडेशन ने भविष्य में भी ऐसे अभियान जारी रखने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है ताकि समाज को नशे के खतरों से मुक्त किया जा सके।
संपादकीय दृष्टिकोण: ट्रक ड्राइवर हमारे सप्लाई चेन की रीढ़ हैं। नशे के प्रति उनकी जागरूकता न केवल उनके परिवारों को आर्थिक और मानसिक स्थिरता देगी, बल्कि देश की सड़कों को भी सुरक्षित बनाएगी। टीसीआई फाउंडेशन और DLSA का यह संयुक्त प्रयास एक स्वस्थ और समृद्ध समाज की ओर सराहनीय कदम है।

