चंडीगढ़: चितकारा स्कूल से PGI फ़ॉरेस्ट रोड पर स्थित पुलिस चौकी पिछले 5-6 सालों से बंद पड़ी है, और रिनोवेशन होने के दो साल बाद भी यह धूल फांक रही है। कभी राहगीरों के लिए सुरक्षा का एक महत्वपूर्ण केंद्र रही यह चौकी अब इस व्यस्त सड़क पर अनहोनी घटनाओं का डर पैदा कर रही है।
सुरक्षा का पर्याय रही चौकी, अब बनी मुसीबत:
जब यह पुलिस चौकी चालू हालत में थी, तब देर रात तक भी लोग इस रोड पर बेखौफ आते-जाते थे। यह चौकी हर वक्त आने-जाने वाले राहगीरों के लिए एक सुरक्षा कवच का किरदार निभाती थी। लेकिन इसके बंद होने के बाद से स्थिति पूरी तरह बदल गई है। इस रोड पर छीना-झपटी और अन्य आपराधिक घटनाओं में काफी वृद्धि हुई है, जिससे लोग अब यहां अनहोनी की आशंका से खौफ में हैं।
क्राइम का बढ़ता ग्राफ और पुलिस पेट्रोलिंग की कमी:
स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस की पेट्रोलिंग न के बराबर है, जिसका फायदा उठाकर गलत प्रवृत्ति के तत्व इस रोड का इस्तेमाल वारदातों को अंजाम देने और फिर मौके से फरार होने के लिए करते हैं। यदि यह चौकी फिर से बहाल हो जाए तो काफी हद तक क्राइम पर अंकुश लग सकता है और राहगीर सुरक्षित महसूस कर सकेंगे।
राज्यपाल के समक्ष भी उठी थी मांग:
गौरतलब है कि अमृत सरोवर के उद्घाटन के अवसर पर वार्ड नं. 14 के पार्षद स. कुलजीत सिंह ने पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया समक्ष भी इस पुलिस चौकी को दोबारा चालू करने की मांग रखी थी। अब देखना यह है कि चंडीगढ़ प्रशासन इस गंभीर मुद्दे पर कब तक ध्यान आकर्षित करता है और कब तक यह बंद पड़ी पुलिस चौकी फिर से चालू होती है, ताकि लोग राहत की सांस ले सकें और यह सड़क फिर से सुरक्षित बन सके।

