चंडीगढ़:
जब एक जनप्रतिनिधि हज़ारों मील दूर बैठकर भी अपने वार्ड की विकास योजनाओं से वीडियो कॉल के ज़रिए जुड़ता है, तो यह सिर्फ़ तकनीक का कमाल नहीं, बल्कि जिम्मेदारी के प्रति प्रतिबद्धता की मिसाल बन जाता है। मेयर सौरभ जोशी ने डेढ़ करोड़ की लागत से कम्युनिटी सेंटर धनास का कायाकल्प करने की घोषणा की है। यहां वार्ड नंबर 14 में विकास की इस बहार से निवासियों ने खुशी प्रकट की और हर सदस्य के चेहरे पर संतोष झलकता नज़र आया।
ऑस्ट्रेलिया से वीडियो कॉल पर जताया आभार
वार्ड नंबर 14 के पार्षद कुलजीत सिंह संधू ने ऑस्ट्रेलिया में वीडियो कॉलिंग के जरिए मेयर सौरभ जोशी का आभार व्यक्त किया और बहुत जल्द इंडिया आने की इच्छा जाहिर की। पार्षद संधू ने ऑस्ट्रेलिया से लोगों को निवेदन किया कि धनास में साफ-सफाई के लिए वे नगर निगम का सहयोग करें और पार्कों की सफाई करने के लिए भी अपना सहयोग दें।
“धनास के कायाकल्प के लिए हम सदैव साथ खड़े हैं”
सौरभ जोशी जी ने अपने अभिभाषण में कहा कि धनास के कायाकल्प के लिए वे सदैव लोगों के साथ खड़े हैं। मेयर सौरभ जोशी ने नशा मुक्ति के लिए चंडीगढ़ के लोगों को सहयोग देने की अपील की। उन्होंने बताया कि 176 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज हुई है और रामदरबार पर हुआ एक्शन इसकी जीती-जागती मिसाल है।
विदेश से ही संभाल रहे हैं वार्ड का काम
यहां एक बात और देखने को मिली कि पार्षद कुलजीत सिंह संधू ऑस्ट्रेलिया में होते हुए भी धनास के कार्य उनकी टीम के पदाधिकारी हल करा रहे हैं।
सम्मान और विस्तृत जानकारी
इस मौके पर नॉमिनेट काउंसलर सतिंदर सिंह सिद्धू ने फूल देकर मेयर सौरभ जोशी को सम्मानित किया और धनास में हुए कामों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
गणमान्य लोगों की रही मौजूदगी
इस मौके पर भाजपा जिला मंत्री श्रीमती रीना जी, जिला से पीसी डोगरा, मंडल अध्यक्ष देसराज, परवीन कुमार, बिंदर और आर्यन, बूथ अध्यक्ष हर्ष मणि जी और विनय कुमार समेत भाजपा के सम्मानित सदस्य मौजूद थे। साथ ही सनातम धर्म मंदिर के अध्यक्ष सुनील सूद, शर्मा जी, बंसल जी, दीपक उनियाल, कमेटी के सभी गणमान्य सदस्य और वार्ड नंबर 14 के सभी गणमान्य सदस्यों ने पहुंचकर अपनी उपस्थिति दर्ज की। सतिंदर सिंह सिद्धू ने आए हुए सदस्यों और नागरिकों का धन्यवाद किया।
संपादकीय टिप्पणी: किसी जनप्रतिनिधि का विदेश में रहते हुए भी अपने वार्ड के विकास कार्यों और समस्याओं से लगातार जुड़े रहना आधुनिक शासन-व्यवस्था की एक दिलचस्प तस्वीर पेश करता है, लेकिन साथ ही यह सवाल भी स्वाभाविक रूप से उठता है कि जमीनी स्तर पर जनता से सीधा संवाद किसी भी निर्वाचित प्रतिनिधि की सबसे बड़ी ताकत होती है, जिसकी भरपाई तकनीक पूरी तरह नहीं कर सकती। कम्युनिटी सेंटर के कायाकल्प की घोषणा निवासियों के लिए राहत की बात है, लेकिन असली कसौटी यह होगी कि डेढ़ करोड़ की यह परियोजना तय समय और गुणवत्ता के साथ पूरी होती है या नहीं। इसके साथ ही नशा मुक्ति अभियान के तहत हुई कार्रवाई एक सकारात्मक कदम है, पर इसे निरंतर और प्रभावी बनाए रखना प्रशासन की आगे की ज़िम्मेदारी होगी।
