चंडीगढ़: सेक्टर 36 स्थित इस्कॉन मंदिर और सेक्टर 20 स्थित चैतन्य गौड़ीय मठ मंदिर में जन्माष्टमी का पावन त्योहार अपार श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ मनाया गया, जहां भक्तों का भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा। सेक्टर 20 स्थित चैतन्य गौड़ीय मठ मंदिर सालों से जन्माष्टमी पर श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बना हुआ है, जहां यह पर्व केवल एक त्योहार न होकर एक विशाल मेले का रूप धारण कर लेता है। भव्य सजावट और आध्यात्मिक माहौल के बीच दूर-दूर से आए लाखों श्रद्धालु कान्हा जी की भक्ति के रंग में सरोबार नजर आए।
16 डिग्री में अमरनाथ गुफा और थाईलैंड के फूलों का आकर्षण
चैतन्य गौड़ीय मठ मंदिर में इस बार विशेष प्रकार की गुफा का निर्माण किया गया था, जहां 16 डिग्री तापमान में अमरनाथ गुफा जैसा दिव्य माहौल तैयार किया गया। इस अद्वितीय दृश्य और गुफा के दर्शन करने के लिए लाखों भक्तों की भारी भीड़ जुटी। इसके अलावा, थाईलैंड से विशेष रूप से मंगाए गए 500 किलो फूलों से भगवान श्री राधा माधव जी का भव्य श्रृंगार किया गया। मंदिर परिसर में लाखों श्रद्धालुओं ने कान्हा जी को झूले में झुलाया, जबकि गूंजते भजनों ने भक्तों को भक्ति रस में झूमने पर मजबूर कर दिया।
नन्हे कान्हा, लंबी कतारें और मेले का रंगीन माहौल
समारोह में श्रद्धालु अपने नन्हे बच्चों को कान्हा के बाल रूप में सजाकर ला रहे थे, जो सभी के आकर्षण का मुख्य केंद्र बने रहे। मंदिर में प्रवेश पाने के लिए श्रद्धालुओं को घंटों अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा। सुरक्षा और सुचारू व्यवस्था बनाए रखने के लिए मंदिर के एक किलोमीटर के दायरे में वाहनों की नो-एंट्री रखी गई थी। मंदिर मार्ग पर तरह-तरह के स्टॉल लगाए गए थे, जहां दुकानदारों से श्रद्धालुओं ने जमकर खरीदारी की।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम और पुलिस बल की मुस्तैदी
श्रद्धालुओं की विशाल भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस विभाग, ट्रैफिक पुलिस और पैरामिलिट्री फोर्स की विशेष तैनाती की गई थी। किसी भी अप्रिय घटना या शरारती तत्वों से निपटने के लिए पुलिस विभाग की टीमों को सादे कपड़ों में तैनात किया गया था, ताकि शांतिपूर्ण माहौल में श्रद्धालु दर्शन कर सकें।
संपादकीय टिप्पणी: सेक्टर 20 चैतन्य गौड़ीय मठ और इस्कॉन मंदिर में आयोजित जन्माष्टमी पर्व केवल एक धार्मिक अनुष्ठान न होकर आस्था, कला और सामाजिक एकता का अनुपम उदाहरण बन चुका है। 16 डिग्री तापमान वाली अमरनाथ गुफा का प्रतिरूप और थाईलैंड के विशेष फूलों से किया गया श्रृंगार श्रद्धालुओं को एक अनूठा आध्यात्मिक अनुभव प्रदान करता है। लाखों की संख्या में उमड़ी भीड़ के बावजूद सुरक्षा बलों की मुस्तैदी और योजनाबद्ध यातायात प्रबंधन ने यह सिद्ध किया कि सही प्रशासनिक सहयोग से बड़े धार्मिक आयोजनों को भी सुरक्षित और व्यवस्थित रूप से संपन्न किया जा सकता है।
