चंडीगढ़: 3 नवंबर 2026 को 5:30 बजे चंडीगढ़ के सेक्टर 21 और 18 के मेन रोड पर अचानक दहशत का माहौल पैदा हो गया। सेक्टर 17 के चौक की ओर जाने वाले मार्ग पर स्थित सेक्टर 21 की एक कोठी में काम चल रहा था। एक हाइड्रा मशीन से भारी-भरकम स्टील का बक्सा उतारा जा रहा था, तभी एक अप्रत्याशित और खौफनाक घटना घटी, जिसने वहां मौजूद हर शख्स की सांसें अटका दीं।
मौत के जबड़े से लोगों ने खींचकर निकाली जान
लगातार काम करने की वजह से अत्यधिक गर्म हो चुकी हाइड्रा मशीन में अचानक शॉर्ट सर्किट हुआ और देखते ही देखते मशीन ने भयंकर आग का रूप धारण कर लिया। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि मशीन को चला रहा चालक उसी के बीच फंस गया। अपनी जान की परवाह किए बिना कुछ स्थानीय लोगों ने गजब की बहादुरी दिखाई। उन्होंने कड़ी मशक्कत के बाद झुलसते हुए ड्राइवर को आग की लपटों के बीच से खींचकर बाहर निकाला। इस दर्दनाक हादसे में ड्राइवर के हाथ और बाजू बुरी तरह झुलस गए, जिसके बाद उसे तुरंत इलाज के लिए सेक्टर 16 के अस्पताल में भर्ती कराया गया।
मुस्तैद सायरन की गूंज और टली एक बड़ी तबाही
यह हादसा एक बड़े विनाश में बदल सकता था, लेकिन थोड़ी ही दूरी पर स्थित सेक्टर 17 फायर विभाग की टीम ने तुरंत मोर्चा संभाल लिया। दमकल विभाग की गाड़ियां समय पर घटनास्थल पर पहुंचीं और तेजी से आग पर काबू पा लिया। दीपावली के त्योहारी सीजन को देखते हुए नगर निगम द्वारा फायर विभाग को पहले से ही हाई अलर्ट मोड पर रखा गया था। इस पूर्व सतर्कता और फायर विभाग के समय पर पहुंचने के कारण एक बहुत बड़े संभावित नुकसान को समय रहते टाल दिया गया।
संपादकीय टिप्पणी: भारी मशीनों का लंबे समय तक और बिना रुके इस्तेमाल अक्सर ऐसे भयानक हादसों का कारण बनता है, जिसे ओवरहीटिंग और शॉर्ट सर्किट के रूप में देखा जा सकता है। यह घटना इस बात का सटीक उदाहरण है कि प्रशासन की पूर्व सतर्कता (जैसे फायर ब्रिगेड का त्योहारी सीजन में अलर्ट मोड पर होना) किस तरह बड़े नुकसान को टाल सकती है। आम लोगों द्वारा इंसानियत दिखाते हुए अपनी जान जोखिम में डालकर ड्राइवर को बचाना समाज के लिए एक सकारात्मक संदेश है। काम के दौरान मशीनरी के तापमान और सुरक्षा मानकों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है।
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चंडीगढ़ के सेक्टर 21-18 मेन रोड पर भयानक हादसा: भारी-भरकम स्टील का बक्सा उतारते समय हाइड्रा मशीन में लगी भीषण आग, ड्राइवर झुलसा
✍️ By: Narinder Singh
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चंडीगढ़: 3 नवंबर 2026 को 5:30 बजे चंडीगढ़ के सेक्टर 21 और 18 के मेन रोड पर अचानक दहशत का माहौल पैदा हो गया। सेक्टर 17 के चौक की ओर जाने वाले मार्ग पर स्थित सेक्टर 21 की एक कोठी में काम चल रहा था। एक हाइड्रा मशीन से भारी-भरकम स्टील का बक्सा उतारा जा रहा था, तभी एक अप्रत्याशित और खौफनाक घटना घटी, जिसने वहां मौजूद हर शख्स की सांसें अटका दीं।
लगातार काम करने की वजह से अत्यधिक गर्म हो चुकी हाइड्रा मशीन में अचानक शॉर्ट सर्किट हुआ और देखते ही देखते मशीन ने भयंकर आग का रूप धारण कर लिया। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि मशीन को चला रहा चालक उसी के बीच फंस गया। अपनी जान की परवाह किए बिना कुछ स्थानीय लोगों ने गजब की बहादुरी दिखाई। उन्होंने कड़ी मशक्कत के बाद झुलसते हुए ड्राइवर को आग की लपटों के बीच से खींचकर बाहर निकाला। इस दर्दनाक हादसे में ड्राइवर के हाथ और बाजू बुरी तरह झुलस गए, जिसके बाद उसे तुरंत इलाज के लिए सेक्टर 16 के अस्पताल में भर्ती कराया गया।
यह हादसा एक बड़े विनाश में बदल सकता था, लेकिन थोड़ी ही दूरी पर स्थित सेक्टर 17 फायर विभाग की टीम ने तुरंत मोर्चा संभाल लिया। दमकल विभाग की गाड़ियां समय पर घटनास्थल पर पहुंचीं और तेजी से आग पर काबू पा लिया। दीपावली के त्योहारी सीजन को देखते हुए नगर निगम द्वारा फायर विभाग को पहले से ही हाई अलर्ट मोड पर रखा गया था। इस पूर्व सतर्कता और फायर विभाग के समय पर पहुंचने के कारण एक बहुत बड़े संभावित नुकसान को समय रहते टाल दिया गया।
संपादकीय टिप्पणी: भारी मशीनों का लंबे समय तक और बिना रुके इस्तेमाल अक्सर ऐसे भयानक हादसों का कारण बनता है, जिसे ओवरहीटिंग और शॉर्ट सर्किट के रूप में देखा जा सकता है। यह घटना इस बात का सटीक उदाहरण है कि प्रशासन की पूर्व सतर्कता (जैसे फायर ब्रिगेड का त्योहारी सीजन में अलर्ट मोड पर होना) किस तरह बड़े नुकसान को टाल सकती है। आम लोगों द्वारा इंसानियत दिखाते हुए अपनी जान जोखिम में डालकर ड्राइवर को बचाना समाज के लिए एक सकारात्मक संदेश है। काम के दौरान मशीनरी के तापमान और सुरक्षा मानकों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है।

