चंडीगढ़: भारतीय मज़दूर संघ चंडीगढ़ के सौजन्य से चंडीगढ़ गवर्नमेंट ट्रांसपोर्ट यूनियन (सीटीयू) के चुनाव में शेर पार्टी ने लगातार तीसरी बार जीत दर्ज की है। यूनियन ने बलबीर सिंह को प्रधान, अतर सिंह को उपप्रधान, मनदीप को महासचिव और संजीव कुमार को कैशियर बनाया है।
कड़े मुकाबले में 14 वोट की जीत
प्रेस वार्ता में पूर्व प्रधान सतिंदर सिंह ने बताया कि शेर पार्टी और रेल इंजन पार्टी के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला। शेर पार्टी को 720 और रेल इंजन पार्टी को 706 वोट मिले, यानी शेर पार्टी ने 14 वोट के अंतर से जीत हासिल की। उन्होंने कहा कि यह लगातार तीसरी बार है जब पार्टी ने जीत दर्ज की है।
संघर्ष से जीत तक का सफ़र
सतिंदर सिंह के अनुसार यह वही पार्टी है, जिसके प्रतिनिधित्व में कुछ दिन पहले सीटीयू वर्कशॉप के पास कई महीनों से धरना लगाकर संघर्ष कर रहे सीटीयू वर्करों की समस्या का समाधान भारतीय मज़दूर संघ चंडीगढ़ के सहयोग से किया गया था। उन्होंने कहा कि यह जीत पहले किए गए वादों और कामों को देखकर मिली है।
गिनाए गए वादे और काम
पूर्व प्रधान ने पुरानी कंडम बसों के बदले नई बसें लाने, खाली पोस्टों को रेगुलर करने, 20 करोड़ के पिछले बजट का उपयोग करने और लोकल बस सर्विस को अपने अधीन लेकर काम करने का ज़िक्र किया। साथ ही एसटीए टेबल पर दर्ज अपनी कुछ बसों के टाइम टेबल को लागू करने की बात भी कही।
नए प्रधान की प्राथमिकताएँ
नवनिर्वाचित प्रधान बलबीर सिंह ने कहा कि वे किलोमीटर बसों का विरोध करते रहे हैं और डीएम प्राइवेट बसों को सीटीयू के दायरे में लाएँगे, ताकि बसों का संचालन सही ढंग से हो सके। उन्होंने प्रशासन और मैनेजमेंट के साथ बेहतर तालमेल बनाने, दफ़्तरी कर्मचारियों की प्रमोशन का मसला हल कराने और क्लेरिकल स्टाफ की माँगों को सुलझाने को अपनी प्राथमिकता बताया। जिनके सहयोग से जीत मिली, उन सभी सदस्यों का उन्होंने धन्यवाद किया।
संपादकीय टिप्पणी: सिर्फ़ 14 वोट का अंतर बताता है कि यूनियन के भीतर मतदाता लगभग बराबर बँटे हुए हैं, इसलिए यह जीत जितनी जश्न की है, उतनी ही जवाबदेही की भी। नई बसें, खाली पोस्टों का नियमितीकरण और प्रमोशन जैसे वादे तभी भरोसा मज़बूत करेंगे, जब ज़मीन पर उनका असर दिखे। यह जानकारी पूर्व प्रधान और नवनिर्वाचित प्रधान के बयानों पर आधारित है। रेल इंजन पार्टी का पक्ष, कुल मतदाताओं की संख्या और चुनाव की तारीख की जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई।
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सीटीयू यूनियन चुनाव में शेर पार्टी ने महज़ 14 वोट से मारी बाज़ी, रेल इंजन पार्टी रही पीछे
✍️ By: Narinder Singh
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चंडीगढ़: भारतीय मज़दूर संघ चंडीगढ़ के सौजन्य से चंडीगढ़ गवर्नमेंट ट्रांसपोर्ट यूनियन (सीटीयू) के चुनाव में शेर पार्टी ने लगातार तीसरी बार जीत दर्ज की है। यूनियन ने बलबीर सिंह को प्रधान, अतर सिंह को उपप्रधान, मनदीप को महासचिव और संजीव कुमार को कैशियर बनाया है।
प्रेस वार्ता में पूर्व प्रधान सतिंदर सिंह ने बताया कि शेर पार्टी और रेल इंजन पार्टी के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला। शेर पार्टी को 720 और रेल इंजन पार्टी को 706 वोट मिले, यानी शेर पार्टी ने 14 वोट के अंतर से जीत हासिल की। उन्होंने कहा कि यह लगातार तीसरी बार है जब पार्टी ने जीत दर्ज की है।
सतिंदर सिंह के अनुसार यह वही पार्टी है, जिसके प्रतिनिधित्व में कुछ दिन पहले सीटीयू वर्कशॉप के पास कई महीनों से धरना लगाकर संघर्ष कर रहे सीटीयू वर्करों की समस्या का समाधान भारतीय मज़दूर संघ चंडीगढ़ के सहयोग से किया गया था। उन्होंने कहा कि यह जीत पहले किए गए वादों और कामों को देखकर मिली है।
पूर्व प्रधान ने पुरानी कंडम बसों के बदले नई बसें लाने, खाली पोस्टों को रेगुलर करने, 20 करोड़ के पिछले बजट का उपयोग करने और लोकल बस सर्विस को अपने अधीन लेकर काम करने का ज़िक्र किया। साथ ही एसटीए टेबल पर दर्ज अपनी कुछ बसों के टाइम टेबल को लागू करने की बात भी कही।
नवनिर्वाचित प्रधान बलबीर सिंह ने कहा कि वे किलोमीटर बसों का विरोध करते रहे हैं और डीएम प्राइवेट बसों को सीटीयू के दायरे में लाएँगे, ताकि बसों का संचालन सही ढंग से हो सके। उन्होंने प्रशासन और मैनेजमेंट के साथ बेहतर तालमेल बनाने, दफ़्तरी कर्मचारियों की प्रमोशन का मसला हल कराने और क्लेरिकल स्टाफ की माँगों को सुलझाने को अपनी प्राथमिकता बताया। जिनके सहयोग से जीत मिली, उन सभी सदस्यों का उन्होंने धन्यवाद किया।
संपादकीय टिप्पणी: सिर्फ़ 14 वोट का अंतर बताता है कि यूनियन के भीतर मतदाता लगभग बराबर बँटे हुए हैं, इसलिए यह जीत जितनी जश्न की है, उतनी ही जवाबदेही की भी। नई बसें, खाली पोस्टों का नियमितीकरण और प्रमोशन जैसे वादे तभी भरोसा मज़बूत करेंगे, जब ज़मीन पर उनका असर दिखे। यह जानकारी पूर्व प्रधान और नवनिर्वाचित प्रधान के बयानों पर आधारित है। रेल इंजन पार्टी का पक्ष, कुल मतदाताओं की संख्या और चुनाव की तारीख की जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई।

