फतेहगढ़ साहिब: बाबा मोती राम मैहरा मेमोरियल चैरिटेबल ट्रस्ट, फतेहगढ़ साहिब में पिछले कई दिनों से चल रही भारी राजनीतिक हलचल और मेले जैसा माहौल आज एक ऐतिहासिक परिणाम के साथ संपन्न हो गया। ट्रस्ट के नए चेयरमैन के चुनाव को लेकर उम्मीदवारों ने दिन-रात एक कर रखा था, जहां आज सुबह से ही पूरे पंजाब से आए वोटरों में भारी उत्साह देखने को मिला। आज के दिन की शुरुआत रागी जत्थे द्वारा किए गए पवित्र कीर्तन से हुई, जिसने वहां मौजूद सभी श्रद्धालुओं को भक्ति रस में लीन कर दिया, जिसके बाद भविष्य की नई इबारत लिखने के लिए मतदान की प्रक्रिया शुरू हुई।
शुरुआत की कांटे की टक्कर और वोटरों का भारी सैलाब
मतदान की शुरुआत होते ही पहले कुछ घंटों में उम्मीदवारों के बीच जबरदस्त और बेहद करीबी टक्कर देखने को मिली। पूरे पंजाब से आए ट्रस्ट के भागीदार वोटर सुबह से ही कतारों में जुटने लगे थे और उनका उत्साह देखते ही बनता था। चुनाव प्रचार के दौरान सभी पक्षों के लोग वोटरों को सुहावने सपनों से लुभाने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन आज का दिन ईमानदारी और सेवा के फल की एक नई किरण लेकर सामने आया।
सुखदेव सिंह राज की लगातार बढ़त और ऐतिहासिक विजय
जैसे-जैसे मतगणना आगे बढ़ी, शुरुआती कांटे की टक्कर के बाद सुखदेव सिंह राज ने धीरे-धीरे अपने प्रतिद्वंद्वी पर बढ़त बनानी शुरू कर दी, जो अंत तक कायम रही। इस चुनाव में कुल 5700 वोटों में से 2087 वोट पोल हुए, जिसमें सुखदेव सिंह राज ने बाजी मारते हुए कुल 1238 वोट हासिल किए। वहीं उनके मुख्य प्रतिद्वंद्वी एस एस निर्मल सिंह को 827 वोट मिले, जबकि धनोला को 4 वोट और नोटा (NOTA) के पक्ष में 2 वोट दर्ज किए गए। इसके साथ ही सुखदेव सिंह राज को 411 वोटों से विजेता घोषित कर दिया गया, जिसके तुरंत बाद पूरे परिसर में ‘बोले सो निहाल, पंथ की जीत’ के गगनभेदी जैकारे गूंजने लगे।
सच्चाई की जीत और भविष्य में सुधार का संकल्प
इस ऐतिहासिक सफलता के बाद जब चंडीगढ़ के कश्यप राजपूत सभा के चेयरमैन से बातचीत की गई, तो उन्होंने इसे सीधे तौर पर सच्चाई की जीत बताते हुए नए चेयरमैन सुखदेव सिंह राज को बधाई दी। दूसरी ओर, विजेता चेयरमैन सुखदेव सिंह राज ने सभी का दिल से धन्यवाद व्यक्त करते हुए कहा कि यह अकेले उनकी जीत नहीं बल्कि आप सबकी जीत है। उन्होंने सबको साथ लेकर चलने और ट्रस्ट के लिए पूरी ईमानदारी से काम करने का वादा किया और कहा कि पिछले समय में जो भी कमियां रह गई थीं, उन्हें पूरा करने का हरसंभव प्रयास किया जाएगा।
संपादकीय टिप्पणी: बाबा मोती राम मैहरा मेमोरियल चैरिटेबल ट्रस्ट का यह चुनाव परिणाम इस बात का स्पष्ट संकेत है कि धार्मिक और सामाजिक संस्थाओं में सेवा और ईमानदारी को ही सर्वोपरि माना जाता है। पूरे पंजाब से जुड़े श्रद्धालुओं और वोटरों ने भारी उत्साह दिखाकर संस्था के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाई है। सुखदेव सिंह राज की 411 वोटों से हुई यह जीत उन्हें एक बड़ा जनसमर्थन देती है, लेकिन इसके साथ ही उनके कंधों पर ट्रस्ट की पिछली कमियों को दूर करने और संस्था को पूरी पारदर्शिता के साथ आगे ले जाने की एक बड़ी जिम्मेदारी भी आ गई है। भविष्य में संस्था की साख और विकास इस बात पर निर्भर करेगा कि नए चेयरमैन अपने वादों पर कितने खरे उतरते हैं।
