लुधियाना: पंजाब सरकार द्वारा लोगों को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से चलाए जा रहे अभियान के तहत आज फूड सेफ्टी टीम, लुधियाना द्वारा शहर के विभिन्न क्षेत्रों में विशेष सैंपलिंग अभियान चलाया गया। यह अभियान जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आशीष चावला के दिशा-निर्देशों के अनुसार संचालित किया गया। शहर के अलग-अलग कोनों में हुई इस अचानक कार्रवाई से मिलावटखोरों और घटिया सामान बेचने वाले दुकानदारों में हड़कंप मच गया है। सरकार की इस मुहिम का मुख्य उद्देश्य आम जनता की थाली को शुद्ध और बीमारियों से मुक्त रखना है।
प्रीत विहार से कैलाश नगर चौक तक हड़कंप; चौकसी का पहला कदम
अभियान के दौरान फूड सेफ्टी अधिकारियों ने सबसे पहले प्रीत विहार क्षेत्र में दस्तक दी और वहां से गुड़ का एक सैंपल एकत्र किया। इसके ठीक बाद टीम ने कैलाश नगर चौक का रुख किया, जहां स्थित एक दुकान से घी के दो सैंपल लिए गए। इन सैंपलों में एक गाय का घी और एक देसी घी का सैंपल शामिल है। इसी कार्रवाई के दौरान टीम द्वारा कीर्त संभूजी घी का भी एक सैंपल एकत्र किया गया, ताकि इसकी शुद्धता की बारीकी से जांच की जा सके।
ज्ञान विहार की रसोई में मसालों का कड़ा इम्तिहान; तीखे तेवर और कड़े कानून
इसके बाद अधिकारियों का काफिला ज्ञान विहार क्षेत्र की ओर बढ़ा, जहां रोजमर्रा की रसोई में इस्तेमाल होने वाले मसालों की विशेष जांच की गई। इस इलाके से टीम ने हल्दी पाउडर के दो सैंपल, लाल मिर्च पाउडर के दो सैंपल तथा धनिया पाउडर का एक सैंपल अपने कब्जे में लिया। विभाग के अनुसार, ये सभी सैंपल खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत निर्धारित पूरी कानूनी प्रक्रिया के अनुसार भरे गए हैं। एकत्र किए गए इन सभी सैंपलों को अंतिम जांच हेतु सरकारी खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला (लैब) में भेज दिया गया है।
डॉ. आशीष चावला का सख्त अल्टीमेटम और भविष्य का संकल्प; सेहत से समझौता नहीं
जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आशीष चावला ने इस कड़ी कार्रवाई पर बात करते हुए साफ कहा कि उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा करना ही विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कड़े शब्दों में चेतावनी दी कि यदि सरकारी लैब से किसी भी सैंपल की रिपोर्ट निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाई जाती है, तो संबंधित फूड बिजनेस ऑपरेटर के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि मिलावटखोरी, घटिया गुणवत्ता वाले खाद्य पदार्थों की बिक्री तथा लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए ऐसी जांच और सैंपलिंग मुहिम भविष्य में भी लगातार जारी रहेगी। इसी बीच फूड सेफ्टी विभाग ने आम जनता से भी अपील की है कि वे खाद्य पदार्थ खरीदते समय गुणवत्ता, लेबलिंग और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें तथा किसी भी संदिग्ध खाद्य पदार्थ की सूचना तुरंत विभाग को दें।
संपादकीय टिप्पणी: लुधियाना में फूड सेफ्टी विभाग द्वारा घी, मसालों और गुड़ जैसी बुनियादी खाद्य वस्तुओं की सैंपलिंग करना जनता के स्वास्थ्य को सुरक्षित रखने की दिशा में एक जरूरी और सराहनीय कदम है। अक्सर त्योहारों या सामान्य दिनों में भी मुनाफे के चक्कर में लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ किया जाता है। हालांकि, ऐसे अभियानों की वास्तविक सफलता केवल सैंपल भरने में नहीं, बल्कि सरकारी लैब से उनकी रिपोर्ट समय पर आने और दोषी पाए जाने वाले बड़े मिलावटखोरों को सख्त सजा दिलाने में है। महज औपचारिकता या छोटे दुकानदारों तक सीमित रहने के बजाय विभाग को मिलावट के मुख्य केंद्रों और बड़े निर्माताओं पर सीधे प्रहार करना चाहिए। इसके साथ ही, जनता की जागरूकता और त्वरित सूचना तंत्र को मजबूत करना इस मुहिम को लंबी अवधि में प्रभावी बनाने के लिए अत्यंत आवश्यक है।
