लुधियाना: सिविल सर्जन लुधियाना डॉ. रमणदीप कौर के निर्देशानुसार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सुधार में एचपीवी टीकाकरण अभियान की प्रगति की समीक्षा तथा शेष पात्र लाभार्थियों तक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए एक विशेष समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. हरप्रीत सिंह तथा वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी सुधार डॉ. दविंदर कुमार ने की। इस अवसर पर धार्मिक नेताओं, विभिन्न गांवों के पंचों और सरपंचों, लेडी हेल्थ विजिटरों, एएनएम, आशा कार्यकर्ताओं तथा अन्य स्वास्थ्य कर्मियों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। यह बैठक जिले में बालिकाओं के सुरक्षित भविष्य की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होने जा रही है।
90 दिनों का नया जीवनदान
बैठक के दौरान जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. हरप्रीत सिंह ने एक बेहद महत्वपूर्ण जानकारी साझा करते हुए बताया कि 14 वर्ष की आयु पूरी कर चुकीं लेकिन 15 वर्ष की आयु में प्रवेश न कर चुकीं बालिकाओं के लिए चलाए जा रहे विशेष एचपीवी टीकाकरण अभियान की अवधि को 90 दिनों के लिए और बढ़ा दिया गया है। उन्होंने साफ किया कि स्वास्थ्य विभाग का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जिले की कोई भी पात्र बालिका इस जीवनरक्षक टीके से वंचित न रहे तथा शत-प्रतिशत टीकाकरण का लक्ष्य हासिल किया जा सके।
सर्वाइकल कैंसर के खिलाफ अचूक कवच
बैठक में विशेषज्ञों द्वारा यह बताया गया कि एचपीवी टीका गर्भाशय ग्रीवा (सर्वाइकल) कैंसर से बचाव का एक अत्यंत प्रभावी माध्यम है। यह आधुनिक टीका बालिकाओं को भविष्य में होने वाली गंभीर और जानलेवा बीमारियों के जोखिम से मजबूत सुरक्षा प्रदान करता है। विश्व स्तर पर इस टीके की सुरक्षा और प्रभावशीलता पूरी तरह से प्रमाणित हो चुकी है तथा चिकित्सा जगत में इसे जनस्वास्थ्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।
विद्यालयों से लेकर घर-घर तक घेराबंदी
इस अभियान की सफलता के लिए विद्यालयों और समुदाय स्तर पर विशेष सत्र आयोजित कर शेष सभी पात्र बालिकाओं तक सीधी पहुंच बनाई जाएगी। उपस्थित स्वास्थ्य कर्मियों को सख्त निर्देश दिए गए कि वे गांववार सूची तैयार करें, घर-घर संपर्क स्थापित करें तथा यह सुनिश्चित करें कि कोई भी पात्र लाभार्थी छूट न जाए। इसके साथ ही शिक्षा विभाग तथा महिला एवं बाल विकास विभाग के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने पर भी विशेष बल दिया गया।
अफवाहों के खिलाफ एकजुट हुआ समाज
प्रशासन द्वारा बैठक में आए धार्मिक नेताओं तथा पंचायत प्रतिनिधियों से विशेष अपील की गई कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में लोगों को एचपीवी टीके के वास्तविक लाभों के बारे में जागरूक करें। उन्हें समाज में फैली टीकाकरण से जुड़ी हर प्रकार की भ्रांतियों और अफवाहों को दूर करने में स्वास्थ्य विभाग का सहयोग करने के लिए कहा गया, ताकि लोग बिना किसी डर के अपनी बेटियों का टीकाकरण करवा सकें।
बर्बादी रोकने के लिए विशेष प्रबंधन
इस अवसर पर लेडी हेल्थ विजिटरों, एएनएम तथा आशा कार्यकर्ताओं को सभी टीकों के उचित और समयबद्ध उपयोग को सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। उन्हें विशेष रूप से हिदायत दी गई कि जिन टीकों की समाप्ति अवधि (एक्सपायरी डेट) पहले आने वाली है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर उपयोग में लाया जाए, ताकि टीकों की कीमती बर्बादी को हर हाल में रोका जा सके।
सिविल सर्जन की भावुक अपील
सिविल सर्जन डॉ. रमणदीप कौर ने जिले के सभी अभिभावकों से पुरजोर अपील करते हुए कहा कि वे अपनी बेटियों के स्वस्थ और सुरक्षित भविष्य को ध्यान में रखते हुए एचपीवी टीकाकरण अवश्य करवाएं। उन्होंने कहा कि यह टीका गंभीर एवं जानलेवा बीमारी से बचाव के लिए सुरक्षा कवच का कार्य करता है। उन्होंने अभिभावकों से किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न देने तथा सही जानकारी के लिए अपने निकटतम सरकारी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करने की बात कही।
सहयोग के संकल्प के साथ बैठक का समापन
बैठक के अंत में उपस्थित सभी धार्मिक नेताओं, पंचायत प्रतिनिधियों तथा स्वास्थ्य कर्मियों ने इस विस्तारित एचपीवी टीकाकरण अभियान को पूरी तरह सफल बनाने का संकल्प लिया। सभी सहयोगियों ने प्रत्येक पात्र बालिका तक पहुंच सुनिश्चित करने तथा टीकों की बर्बादी रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग को अपना पूर्ण और बिना शर्त सहयोग देने का भरोसा दिया।
संपादकीय टिप्पणी: लुधियाना स्वास्थ्य विभाग द्वारा एचपीवी टीकाकरण अभियान को 90 दिनों के लिए बढ़ाना और इसके सफल संचालन के लिए धार्मिक नेताओं व पंचायत प्रतिनिधियों को शामिल करना एक दूरदर्शी कदम है। सर्वाइकल कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी से निपटने के लिए केवल प्रशासनिक प्रयास काफी नहीं हैं, बल्कि सामाजिक चेतना का होना भी उतना ही अनिवार्य है। हमारे समाज में अक्सर टीकों को लेकर कई तरह की भ्रांतियां और अफवाहें फैल जाती हैं, जिन्हें दूर करने में स्थानीय और धार्मिक नेतृत्व सबसे बड़ी भूमिका निभा सकता है। स्वास्थ्य विभाग को चाहिए कि वह शिक्षा विभाग के साथ मिलकर स्कूलों में विशेष कैंपों की निगरानी बढ़ाए, ताकि 14 वर्ष की कोई भी बेटी इस सुरक्षा चक्र से बाहर न छूटे। यह अभियान हमारी आने वाली पीढ़ी के स्वास्थ्य की नींव है, जिसे जन-आंदोलन बनाना समय की मांग है।
