चंडीगढ़: शहर की आबोहवा में पिछले दस दिनों से एक अलग ही हलचल और मुस्तैदी साफ दिखाई दे रही थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगमन को लेकर चंडीगढ़ प्रशासन के बी एंड आर, इलेक्ट्रिक विभाग और हॉर्टिकल्चर विभाग ने दिन-रात एक करके पूरे शहर को दुल्हन की तरह संवार दिया था। चंडीगढ़ पुलिस और ट्रैफिक पुलिस विभाग द्वारा सुरक्षा और सुचारू यातायात के लिए पहले ही विस्तृत एडवाइजरी जारी कर दी गई थी। सुबह 10 बजे से ही कार्यक्रम स्थल की ओर वीवीआईपी और वीआईपी नेताओं का आना-जाना शुरू हो चुका था। जनसैलाब का उत्साह इस कदर चरम पर था कि भारी भीड़ के कारण कई बड़े अधिकारियों को वापस तक लौटना पड़ा।
मां चंडिका का आशीर्वाद और पुरानी यादों का झोंका
मंच पर आते ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चंडीगढ़ के साथ जुड़ी अपनी पुरानी यादों को बड़े ही भावुक अंदाज में साझा किया। अपने 34 मिनट के प्रभावशाली और सटीक अभिभाषण के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि चंडीगढ़ सिर्फ एक शहर नहीं है, बल्कि यह पूरा क्षेत्र भारत के डेवलपमेंट का एक जीवंत मॉडल रहा है, जिस पर हमेशा मां चंडिका का विशेष आशीर्वाद बना रहा है। उन्होंने रेखांकित किया कि यह शहर पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश को आपस में जोड़ता है, जिससे यह पूरे क्षेत्र के विकास और स्वास्थ्य सेवाओं का सबसे प्रमुख केंद्र बन जाता है।
एडवांस न्यूरो साइंस सेंटर की बड़ी सौगात और डॉक्टरों की पीठ थपथपाई
प्रधानमंत्री ने स्वास्थ्य के क्षेत्र में चंडीगढ़ की रीढ़ माने जाने वाले पीजीआई (PGI) के स्वास्थ्य केंद्र की जमकर तारीफ की और वहां के डॉक्टरों की सेवाओं को सराहा। उन्होंने देश को समर्पित करते हुए बताया कि 440 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से तैयार एडवांस न्यूरो साइंस सेंटर अब पूरी तरह से बनकर तैयार है। इस अत्याधुनिक सेंटर में 300 बेड की व्यवस्था की गई है, जिसमें विशेष रूप से माताओं और नवजात शिशुओं के लिए 300 बेड समर्पित हैं। इसके साथ ही इसमें 61 आईसीयू (ICU) और 10 अत्याधुनिक ऑपरेशन थिएटर शामिल किए गए हैं।
न्याय आधारित कानून और भविष्य के नए संकल्प
अपने संबोधन को आगे बढ़ाते हुए प्रधानमंत्री ने ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए कहा कि न्याय आधारित कानूनों की शुरुआत भी इसी चंडीगढ़ की धरती से हुई है। स्वास्थ्य सेवाओं को और सुदृढ़ करने के संकल्प के साथ उन्होंने 240 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले क्रिटिकल केयर ब्लॉक की आधारशिला भी रखी। इस ऐतिहासिक विकास उत्सव के मौके पर भारतीय जनता पार्टी के आला अधिकारी और बड़े नेता भी मौजूद रहे, जिनमें सतपाल जैन, चंडीगढ़ के मेयर सौरभ जोशी, संजय टंडन, ओमबीर भट्टी, मनीष तिवारी और विभिन्न मंडलों के सदस्य विशेष रूप से शामिल थे।
संपादकीय टिप्पणी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा चंडीगढ़ में 4700 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करना इस पूरे क्षेत्र के बुनियादी और स्वास्थ्य ढांचे के लिए एक युगांतरकारी कदम है। पीएम मोदी ने अपने 34 मिनट के भाषण में चंडीगढ़ को सिर्फ एक शहर न मानकर पंजाब, हरियाणा और हिमाचल के विकास का मुख्य धुरी बताया है, जो इसकी भौगोलिक और प्रशासनिक महत्ता को सिद्ध करता है। पीजीआई में 440 करोड़ के एडवांस न्यूरो साइंस सेंटर और 240 करोड़ के क्रिटिकल केयर ब्लॉक की सौगात मिलना इस क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं में क्रांतिकारी बदलाव लाएगा। हालांकि, भारी भीड़ के कारण बड़े अधिकारियों का वापस जाना और प्रशासन द्वारा दस दिनों की कड़ी मेहनत से शहर को संवारना यह दिखाता है कि ऐसे महा-आयोजनों के लिए भविष्य में और अधिक सुव्यवस्थित भीड़ प्रबंधन और दीर्घकालिक बुनियादी ढांचे की योजना बनाने की आवश्यकता है ताकि आम जनता और प्रशासन दोनों को सहूलियत रहे।
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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने चंडीगढ़ में 4700 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का किया उद्घाटन और शिलान्यास
✍️ By: Narinder Singh
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चंडीगढ़: शहर की आबोहवा में पिछले दस दिनों से एक अलग ही हलचल और मुस्तैदी साफ दिखाई दे रही थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगमन को लेकर चंडीगढ़ प्रशासन के बी एंड आर, इलेक्ट्रिक विभाग और हॉर्टिकल्चर विभाग ने दिन-रात एक करके पूरे शहर को दुल्हन की तरह संवार दिया था। चंडीगढ़ पुलिस और ट्रैफिक पुलिस विभाग द्वारा सुरक्षा और सुचारू यातायात के लिए पहले ही विस्तृत एडवाइजरी जारी कर दी गई थी। सुबह 10 बजे से ही कार्यक्रम स्थल की ओर वीवीआईपी और वीआईपी नेताओं का आना-जाना शुरू हो चुका था। जनसैलाब का उत्साह इस कदर चरम पर था कि भारी भीड़ के कारण कई बड़े अधिकारियों को वापस तक लौटना पड़ा।
मंच पर आते ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चंडीगढ़ के साथ जुड़ी अपनी पुरानी यादों को बड़े ही भावुक अंदाज में साझा किया। अपने 34 मिनट के प्रभावशाली और सटीक अभिभाषण के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि चंडीगढ़ सिर्फ एक शहर नहीं है, बल्कि यह पूरा क्षेत्र भारत के डेवलपमेंट का एक जीवंत मॉडल रहा है, जिस पर हमेशा मां चंडिका का विशेष आशीर्वाद बना रहा है। उन्होंने रेखांकित किया कि यह शहर पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश को आपस में जोड़ता है, जिससे यह पूरे क्षेत्र के विकास और स्वास्थ्य सेवाओं का सबसे प्रमुख केंद्र बन जाता है।
प्रधानमंत्री ने स्वास्थ्य के क्षेत्र में चंडीगढ़ की रीढ़ माने जाने वाले पीजीआई (PGI) के स्वास्थ्य केंद्र की जमकर तारीफ की और वहां के डॉक्टरों की सेवाओं को सराहा। उन्होंने देश को समर्पित करते हुए बताया कि 440 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से तैयार एडवांस न्यूरो साइंस सेंटर अब पूरी तरह से बनकर तैयार है। इस अत्याधुनिक सेंटर में 300 बेड की व्यवस्था की गई है, जिसमें विशेष रूप से माताओं और नवजात शिशुओं के लिए 300 बेड समर्पित हैं। इसके साथ ही इसमें 61 आईसीयू (ICU) और 10 अत्याधुनिक ऑपरेशन थिएटर शामिल किए गए हैं।
अपने संबोधन को आगे बढ़ाते हुए प्रधानमंत्री ने ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए कहा कि न्याय आधारित कानूनों की शुरुआत भी इसी चंडीगढ़ की धरती से हुई है। स्वास्थ्य सेवाओं को और सुदृढ़ करने के संकल्प के साथ उन्होंने 240 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले क्रिटिकल केयर ब्लॉक की आधारशिला भी रखी। इस ऐतिहासिक विकास उत्सव के मौके पर भारतीय जनता पार्टी के आला अधिकारी और बड़े नेता भी मौजूद रहे, जिनमें सतपाल जैन, चंडीगढ़ के मेयर सौरभ जोशी, संजय टंडन, ओमबीर भट्टी, मनीष तिवारी और विभिन्न मंडलों के सदस्य विशेष रूप से शामिल थे।
संपादकीय टिप्पणी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा चंडीगढ़ में 4700 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करना इस पूरे क्षेत्र के बुनियादी और स्वास्थ्य ढांचे के लिए एक युगांतरकारी कदम है। पीएम मोदी ने अपने 34 मिनट के भाषण में चंडीगढ़ को सिर्फ एक शहर न मानकर पंजाब, हरियाणा और हिमाचल के विकास का मुख्य धुरी बताया है, जो इसकी भौगोलिक और प्रशासनिक महत्ता को सिद्ध करता है। पीजीआई में 440 करोड़ के एडवांस न्यूरो साइंस सेंटर और 240 करोड़ के क्रिटिकल केयर ब्लॉक की सौगात मिलना इस क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं में क्रांतिकारी बदलाव लाएगा। हालांकि, भारी भीड़ के कारण बड़े अधिकारियों का वापस जाना और प्रशासन द्वारा दस दिनों की कड़ी मेहनत से शहर को संवारना यह दिखाता है कि ऐसे महा-आयोजनों के लिए भविष्य में और अधिक सुव्यवस्थित भीड़ प्रबंधन और दीर्घकालिक बुनियादी ढांचे की योजना बनाने की आवश्यकता है ताकि आम जनता और प्रशासन दोनों को सहूलियत रहे।

