लुधियाना: 24 अक्टूबर को त्योहारों के मद्देनज़र लोगों को स्वच्छ, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग की फूड सेफ्टी विंग का जाँच अभियान जिले भर में लगातार जारी है। इसी कड़ी में सिविल सर्जन लुधियाना डॉ. रामनदीप कौर के नेतृत्व में फूड सेफ्टी टीम ने कैलाश नगर स्थित देसी घी की एक फैक्ट्री पर छापेमारी की और वहाँ तैयार किए जा रहे तथा भंडारित उत्पादों की विस्तृत जाँच की।
फैक्ट्री के भीतर की पड़ताल
जाँच के दौरान टीम ने फैक्ट्री से सरताज, दयाल और डेयरी फार्म ब्रांडों का 135 किलोग्राम देसी घी तथा 3,405 किलोग्राम खुला देसी घी बरामद किया। इसके अतिरिक्त कुल 4,215 किलोग्राम संदिग्ध देसी घी जब्त किया गया। टीम ने फैक्ट्री में मौजूद उत्पादों की पैकेजिंग, लेबलिंग, एक्सपायरी तिथि और भंडारण व्यवस्था की भी जाँच की।
675 किलो घी बाज़ार तक नहीं पहुँचा
टीम ने 675 किलोग्राम एक्सपायरी देसी घी की पहचान कर उसे निर्धारित नियमों के अनुसार मौके पर ही नष्ट कर दिया, ताकि वह बाज़ार में न पहुँचे और लोगों की सेहत के लिए खतरा न बने।
नमूनों पर टिकी निगाहें
घी के पाँच नमूने और सरसों के तेल का एक नमूना लेकर सरकारी प्रयोगशाला में जाँच के लिए भेजा गया है। इनसे मिलावट, गुणवत्ता, शुद्धता और सुरक्षा संबंधी मानकों की जाँच होगी। रिपोर्ट मिलने के बाद अनियमितता सामने आने पर संबंधित फर्म या ज़िम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा कानून के तहत उचित कार्रवाई की जाएगी।
सिविल सर्जन की दो टूक
डॉ. रामनदीप कौर ने कहा कि लोगों की सेहत के साथ किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उनके अनुसार त्योहारों के मौसम में मिठाइयों, दुग्ध उत्पादों, घी, तेल और अन्य खाद्य पदार्थों की माँग बढ़ जाती है, इसलिए मिलावटखोरी और एक्सपायरी सामान की बिक्री रोकने के लिए विशेष निगरानी और औचक निरीक्षण किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि उत्पादन इकाइयों, गोदामों, दुकानों और बाज़ारों में नियमित जाँच हो रही है और नियम तोड़ने वाले को बख़्शा नहीं जाएगा।
कारोबारियों और जनता से अपील
सिविल सर्जन ने खाद्य कारोबार से जुड़े लोगों से गुणवत्तापूर्ण कच्चे माल के उपयोग, उत्पादों पर सही लेबलिंग और एक्सपायरी या संदिग्ध सामान न बेचने की अपील की। आम जनता से कहा कि खरीदारी के समय एक्सपायरी तिथि, पैकेजिंग, बैच नंबर और लेबल ज़रूर जाँचें और मिलावटी, एक्सपायरी या संदिग्ध सामान दिखे तो तुरंत स्वास्थ्य विभाग को सूचना दें।
संपादकीय टिप्पणी: त्योहारों में घी और मिठाइयों की मिठास भरोसे पर टिकी होती है, और यह कार्रवाई बताती है कि वह भरोसा गोदामों और फैक्ट्रियों के भीतर से ही परखा जाना ज़रूरी है। लेकिन जब्ती और नमूने जाँच की शुरुआत भर हैं, असली तस्वीर प्रयोगशाला रिपोर्ट और उसके बाद की कार्रवाई से साफ़ होगी। यह जानकारी विभाग के अपने बयान पर आधारित है। फैक्ट्री के मालिक का नाम, ब्रांडों की भूमिका और रिपोर्ट आने की समय-सीमा के बारे में जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई।
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लुधियाना के कैलाश नगर में छापा, 675 किलो एक्सपायरी घी मौके पर नष्ट, 4,215 किलो संदिग्ध घी जब्त
✍️ By: Onkar Singh Uppal
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लुधियाना: 24 अक्टूबर को त्योहारों के मद्देनज़र लोगों को स्वच्छ, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग की फूड सेफ्टी विंग का जाँच अभियान जिले भर में लगातार जारी है। इसी कड़ी में सिविल सर्जन लुधियाना डॉ. रामनदीप कौर के नेतृत्व में फूड सेफ्टी टीम ने कैलाश नगर स्थित देसी घी की एक फैक्ट्री पर छापेमारी की और वहाँ तैयार किए जा रहे तथा भंडारित उत्पादों की विस्तृत जाँच की।
जाँच के दौरान टीम ने फैक्ट्री से सरताज, दयाल और डेयरी फार्म ब्रांडों का 135 किलोग्राम देसी घी तथा 3,405 किलोग्राम खुला देसी घी बरामद किया। इसके अतिरिक्त कुल 4,215 किलोग्राम संदिग्ध देसी घी जब्त किया गया। टीम ने फैक्ट्री में मौजूद उत्पादों की पैकेजिंग, लेबलिंग, एक्सपायरी तिथि और भंडारण व्यवस्था की भी जाँच की।
टीम ने 675 किलोग्राम एक्सपायरी देसी घी की पहचान कर उसे निर्धारित नियमों के अनुसार मौके पर ही नष्ट कर दिया, ताकि वह बाज़ार में न पहुँचे और लोगों की सेहत के लिए खतरा न बने।
घी के पाँच नमूने और सरसों के तेल का एक नमूना लेकर सरकारी प्रयोगशाला में जाँच के लिए भेजा गया है। इनसे मिलावट, गुणवत्ता, शुद्धता और सुरक्षा संबंधी मानकों की जाँच होगी। रिपोर्ट मिलने के बाद अनियमितता सामने आने पर संबंधित फर्म या ज़िम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा कानून के तहत उचित कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. रामनदीप कौर ने कहा कि लोगों की सेहत के साथ किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उनके अनुसार त्योहारों के मौसम में मिठाइयों, दुग्ध उत्पादों, घी, तेल और अन्य खाद्य पदार्थों की माँग बढ़ जाती है, इसलिए मिलावटखोरी और एक्सपायरी सामान की बिक्री रोकने के लिए विशेष निगरानी और औचक निरीक्षण किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि उत्पादन इकाइयों, गोदामों, दुकानों और बाज़ारों में नियमित जाँच हो रही है और नियम तोड़ने वाले को बख़्शा नहीं जाएगा।
सिविल सर्जन ने खाद्य कारोबार से जुड़े लोगों से गुणवत्तापूर्ण कच्चे माल के उपयोग, उत्पादों पर सही लेबलिंग और एक्सपायरी या संदिग्ध सामान न बेचने की अपील की। आम जनता से कहा कि खरीदारी के समय एक्सपायरी तिथि, पैकेजिंग, बैच नंबर और लेबल ज़रूर जाँचें और मिलावटी, एक्सपायरी या संदिग्ध सामान दिखे तो तुरंत स्वास्थ्य विभाग को सूचना दें।
संपादकीय टिप्पणी: त्योहारों में घी और मिठाइयों की मिठास भरोसे पर टिकी होती है, और यह कार्रवाई बताती है कि वह भरोसा गोदामों और फैक्ट्रियों के भीतर से ही परखा जाना ज़रूरी है। लेकिन जब्ती और नमूने जाँच की शुरुआत भर हैं, असली तस्वीर प्रयोगशाला रिपोर्ट और उसके बाद की कार्रवाई से साफ़ होगी। यह जानकारी विभाग के अपने बयान पर आधारित है। फैक्ट्री के मालिक का नाम, ब्रांडों की भूमिका और रिपोर्ट आने की समय-सीमा के बारे में जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई।

