चंडीगढ़: डिजिटल इंडिया के दौर में जहां टेलीकॉम सेवाएं हमारी जीवनरेखा बन गई हैं, वहीं साइबर धोखाधड़ी का खतरा भी बढ़ा है। इसी को ध्यान में रखते हुए सेक्टर 42 स्थित पोस्ट ग्रेजुएट गवर्नमेंट गर्ल्स कॉलेज में ‘सेवा की गुणवत्ता’ (QoS) के विषय पर एक विशेष उपभोक्ता जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम नागरिक जागरूकता समूह (CAG) द्वारा भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) के सहयोग से सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
प्रमुख टेलीकॉम दिग्गजों की मौजूदगी
इस कार्यशाला की खास बात यह रही कि इसमें देश के प्रमुख दूरसंचार सेवा प्रदाताओं— BSNL, एयरटेल, रिलायंस जियो और वोडाफोन-आइडिया के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में 160 से अधिक राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) स्वयंसेवकों और समन्वयकों ने भाग लिया, जिन्हें सीधे विशेषज्ञों से सवाल पूछने और अपनी समस्याओं का समाधान पाने का मौका मिला।
उपभोक्ता अधिकार और डिजिटल सुरक्षा पर जोर
नागरिक जागरूकता समूह के अध्यक्ष सुरिंदर वर्मा ने अपने उद्घाटन भाषण में संगठन के गौरवशाली इतिहास को साझा किया। उन्होंने बताया:
- CAG का मिशन: 1994 से पंजीकृत यह संगठन लगातार उपभोक्ताओं की सेवा की गुणवत्ता के लिए समर्पित है।
- जागरूकता का उद्देश्य: छात्रों को उनके अधिकारों और जिम्मेदारियों से अवगत कराना ताकि वे दैनिक टेलीकॉम समस्याओं का खुद समाधान कर सकें।
- साइबर सुरक्षा: श्री वर्मा ने छात्रों को साइबर फ्रॉड से बचने के लिए दूरसंचार विभाग (DoT) और TRAI द्वारा जारी किए गए विभिन्न सुरक्षा एप्स का उपयोग करने की सलाह दी।
सतर्कता ही बचाव: पुलिस और प्रशासन का सहयोग
कार्यक्रम का कुशल संचालन नागरिक जागरूकता समूह की महासचिव श्रीमती मोहिंदर कौर ने किया। उन्होंने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि किसी भी संदिग्ध कॉल या संदेश को नजरअंदाज न करें और इसकी सूचना बिना किसी देरी के पुलिस को दें। उन्होंने जोर देकर कहा कि ‘सतर्क उपभोक्ता ही सुरक्षित उपभोक्ता है।’
कार्यक्रम के समापन पर उन्होंने सभी अतिथियों, विशेषज्ञों और पत्रकारों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने विश्वास दिलाया कि भविष्य में भी ऐसे जागरूकता अभियान जारी रहेंगे ताकि युवा पीढ़ी को डिजिटल रूप से सशक्त बनाया जा सके।
संपादकीय दृष्टिकोण: चंडीगढ़ के कॉलेजों में इस तरह के कार्यशालाओं का आयोजन समय की मांग है। छात्राओं को तकनीकी रूप से जागरूक करना न केवल उन्हें ठगी से बचाएगा, बल्कि वे समाज के अन्य वर्गों के लिए भी मार्गदर्शक बन सकेंगी। TRAI और CAG की यह संयुक्त पहल सराहनीय है।
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साइबर ठगों की खैर नहीं: चंडीगढ़ में छात्राओं को सिखाए गए सुरक्षित टेलीकॉम के मंत्र; टीआरएआई (TRAI) और नागरिक जागरूकता समूह ने मिलाया हाथ
✍️ By: Narinder Singh
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चंडीगढ़: डिजिटल इंडिया के दौर में जहां टेलीकॉम सेवाएं हमारी जीवनरेखा बन गई हैं, वहीं साइबर धोखाधड़ी का खतरा भी बढ़ा है। इसी को ध्यान में रखते हुए सेक्टर 42 स्थित पोस्ट ग्रेजुएट गवर्नमेंट गर्ल्स कॉलेज में ‘सेवा की गुणवत्ता’ (QoS) के विषय पर एक विशेष उपभोक्ता जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम नागरिक जागरूकता समूह (CAG) द्वारा भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) के सहयोग से सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
इस कार्यशाला की खास बात यह रही कि इसमें देश के प्रमुख दूरसंचार सेवा प्रदाताओं— BSNL, एयरटेल, रिलायंस जियो और वोडाफोन-आइडिया के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में 160 से अधिक राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) स्वयंसेवकों और समन्वयकों ने भाग लिया, जिन्हें सीधे विशेषज्ञों से सवाल पूछने और अपनी समस्याओं का समाधान पाने का मौका मिला।
नागरिक जागरूकता समूह के अध्यक्ष सुरिंदर वर्मा ने अपने उद्घाटन भाषण में संगठन के गौरवशाली इतिहास को साझा किया। उन्होंने बताया:
कार्यक्रम का कुशल संचालन नागरिक जागरूकता समूह की महासचिव श्रीमती मोहिंदर कौर ने किया। उन्होंने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि किसी भी संदिग्ध कॉल या संदेश को नजरअंदाज न करें और इसकी सूचना बिना किसी देरी के पुलिस को दें। उन्होंने जोर देकर कहा कि ‘सतर्क उपभोक्ता ही सुरक्षित उपभोक्ता है।’
कार्यक्रम के समापन पर उन्होंने सभी अतिथियों, विशेषज्ञों और पत्रकारों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने विश्वास दिलाया कि भविष्य में भी ऐसे जागरूकता अभियान जारी रहेंगे ताकि युवा पीढ़ी को डिजिटल रूप से सशक्त बनाया जा सके।
संपादकीय दृष्टिकोण: चंडीगढ़ के कॉलेजों में इस तरह के कार्यशालाओं का आयोजन समय की मांग है। छात्राओं को तकनीकी रूप से जागरूक करना न केवल उन्हें ठगी से बचाएगा, बल्कि वे समाज के अन्य वर्गों के लिए भी मार्गदर्शक बन सकेंगी। TRAI और CAG की यह संयुक्त पहल सराहनीय है।

