चंडीगढ़: रावण का वध करके राम, लक्ष्मण और सीता अयोध्या पहुँचे तो राज तिलक के साथ इस पल को बड़ी धूमधाम से मनाया गया। चंडीगढ़ के सेक्टर 22-बी स्थित नेहरू पार्क में चंडीगढ़ रामलीला कमेटी की ओर से राज तिलक का दृश्य प्रस्तुत किया गया, जिसे देखकर लोग फूले नहीं समाए। लोगों ने नाच-गाकर श्रीराम के प्रति अपनी खुशी ज़ाहिर की।
राज तिलक की घड़ी
चंडीगढ़ के काउंसलर दमनप्रीत (बादल) और उनकी धर्मपत्नी मोनिका (बादल) ने राज तिलक लगाकर राम, लक्ष्मण और सीता का आशीर्वाद लिया। रामलीला के सभी कलाकारों ने भी राम और लक्ष्मण का राज तिलक किया।
भजनों की सुरीली शाम
कलाकारों ने भजनों से सबका मन मोह लिया। राम, लक्ष्मण और सीता जी के आगमन की खुशी में लोगों ने भोज का भी आनंद लिया और नाचकर अपनी ख़ुशी का इज़हार किया।
संपादकीय टिप्पणी: रामलीला के मंच पर राज तिलक का दृश्य केवल एक प्रस्तुति नहीं, बल्कि पीढ़ियों से चली आ रही उस आस्था का उत्सव है, जिसमें लोग कथा को देखते नहीं, उसमें शामिल हो जाते हैं। भजन, भोज और नृत्य के बीच काउंसलर दंपति सहित आम लोगों की भागीदारी यह दिखाती है कि ऐसे आयोजन समाज को एक सूत्र में बाँधने का काम करते हैं। यह जानकारी आयोजन के उपलब्ध विवरण पर आधारित है। कार्यक्रम की तारीख, उपस्थित लोगों की संख्या और रामलीला के कलाकारों के नाम की जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई।
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चंडीगढ़ के नेहरू पार्क में सजा राज तिलक का दृश्य, भजनों और भोज के बीच झूम उठे लोग
✍️ By: Manjit Singh
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चंडीगढ़: रावण का वध करके राम, लक्ष्मण और सीता अयोध्या पहुँचे तो राज तिलक के साथ इस पल को बड़ी धूमधाम से मनाया गया। चंडीगढ़ के सेक्टर 22-बी स्थित नेहरू पार्क में चंडीगढ़ रामलीला कमेटी की ओर से राज तिलक का दृश्य प्रस्तुत किया गया, जिसे देखकर लोग फूले नहीं समाए। लोगों ने नाच-गाकर श्रीराम के प्रति अपनी खुशी ज़ाहिर की।
चंडीगढ़ के काउंसलर दमनप्रीत (बादल) और उनकी धर्मपत्नी मोनिका (बादल) ने राज तिलक लगाकर राम, लक्ष्मण और सीता का आशीर्वाद लिया। रामलीला के सभी कलाकारों ने भी राम और लक्ष्मण का राज तिलक किया।
कलाकारों ने भजनों से सबका मन मोह लिया। राम, लक्ष्मण और सीता जी के आगमन की खुशी में लोगों ने भोज का भी आनंद लिया और नाचकर अपनी ख़ुशी का इज़हार किया।
संपादकीय टिप्पणी: रामलीला के मंच पर राज तिलक का दृश्य केवल एक प्रस्तुति नहीं, बल्कि पीढ़ियों से चली आ रही उस आस्था का उत्सव है, जिसमें लोग कथा को देखते नहीं, उसमें शामिल हो जाते हैं। भजन, भोज और नृत्य के बीच काउंसलर दंपति सहित आम लोगों की भागीदारी यह दिखाती है कि ऐसे आयोजन समाज को एक सूत्र में बाँधने का काम करते हैं। यह जानकारी आयोजन के उपलब्ध विवरण पर आधारित है। कार्यक्रम की तारीख, उपस्थित लोगों की संख्या और रामलीला के कलाकारों के नाम की जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई।


