चंडीगढ़: डडूमाजरा और धनास की ओर जाने वाली सड़क पर लगने वाले जाम से शहरवासी परेशान हैं। उनका कहना है कि सुबह निकलो तो जाम और शाम को निकलो तो भी जाम मिलता है। इस जाम से राहत दिलाने वाला कोई नज़र नहीं आता।
सुबह की झेल, शाम की थकान
लोगों के अनुसार सुबह के समय तो जाम को किसी तरह झेल लिया जाता है, लेकिन शाम को सरकारी नौकरी वाले और दिहाड़ीदार लोग थकान के बाद जब इस सड़क से गुज़रते हैं, तो उन्हें जाम का संताप झेलना पड़ता है। वे 30 से 45 मिनट तक इस जाम में फँसे रह जाते हैं।
चौराहे पर नहीं दिखता कोई पहरेदार
स्थानीय लोगों का कहना है कि वेस्ट प्लांट के पास चौराहा होने के कारण जाम की स्थिति बनती है। यहाँ एक सड़क स्टेडियम की ओर, एक धनास जंगल की ओर और एक मुल्लापुर रोड की ओर जाती है। उनका दावा है कि इस जगह पुलिस विभाग या ट्रैफिक का कोई कर्मचारी मौजूद नहीं रहता और कोई प्रशासनिक अधिकारी भी सुध नहीं लेता।
एम्बुलेंस के लिए रास्ता भी मुश्किल
लोगों ने बताया कि कई बार एम्बुलेंस भी जाम में फँस जाती है और उसे रास्ता देना मुश्किल हो जाता है।
शाम 5 बजे के बाद ड्यूटी की माँग
शहरवासियों ने पुलिस विभाग से माँग की है कि शाम 5 बजे के बाद यहाँ ट्रैफिक ड्यूटी लगाई जाए, ताकि यातायात सुचारू रूप से चलता रहे।
संपादकीय टिप्पणी: रोज़ की थकी-हारी वापसी जब जाम की कतार में बदल जाए, तो समस्या सिर्फ़ समय की बर्बादी नहीं, लोगों के धैर्य और भरोसे की परीक्षा भी बन जाती है। एम्बुलेंस के फँसने का दावा इसे और गंभीर बनाता है, क्योंकि वहाँ मिनटों की देरी भी भारी पड़ सकती है। ये बातें स्थानीय लोगों के बयानों पर आधारित हैं और इन पर पुलिस या प्रशासन का पक्ष उपलब्ध नहीं कराया गया।
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डडूमाजरा-धनास रोड पर 30 से 45 मिनट की कतार, ट्रैफिक पुलिस की ग़ैरमौजूदगी पर उठे सवाल
✍️ By: Narinder Singh
👁️ 8.9K Views till today 04:43 PM
चंडीगढ़: डडूमाजरा और धनास की ओर जाने वाली सड़क पर लगने वाले जाम से शहरवासी परेशान हैं। उनका कहना है कि सुबह निकलो तो जाम और शाम को निकलो तो भी जाम मिलता है। इस जाम से राहत दिलाने वाला कोई नज़र नहीं आता।
लोगों के अनुसार सुबह के समय तो जाम को किसी तरह झेल लिया जाता है, लेकिन शाम को सरकारी नौकरी वाले और दिहाड़ीदार लोग थकान के बाद जब इस सड़क से गुज़रते हैं, तो उन्हें जाम का संताप झेलना पड़ता है। वे 30 से 45 मिनट तक इस जाम में फँसे रह जाते हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि वेस्ट प्लांट के पास चौराहा होने के कारण जाम की स्थिति बनती है। यहाँ एक सड़क स्टेडियम की ओर, एक धनास जंगल की ओर और एक मुल्लापुर रोड की ओर जाती है। उनका दावा है कि इस जगह पुलिस विभाग या ट्रैफिक का कोई कर्मचारी मौजूद नहीं रहता और कोई प्रशासनिक अधिकारी भी सुध नहीं लेता।
लोगों ने बताया कि कई बार एम्बुलेंस भी जाम में फँस जाती है और उसे रास्ता देना मुश्किल हो जाता है।
शहरवासियों ने पुलिस विभाग से माँग की है कि शाम 5 बजे के बाद यहाँ ट्रैफिक ड्यूटी लगाई जाए, ताकि यातायात सुचारू रूप से चलता रहे।
संपादकीय टिप्पणी: रोज़ की थकी-हारी वापसी जब जाम की कतार में बदल जाए, तो समस्या सिर्फ़ समय की बर्बादी नहीं, लोगों के धैर्य और भरोसे की परीक्षा भी बन जाती है। एम्बुलेंस के फँसने का दावा इसे और गंभीर बनाता है, क्योंकि वहाँ मिनटों की देरी भी भारी पड़ सकती है। ये बातें स्थानीय लोगों के बयानों पर आधारित हैं और इन पर पुलिस या प्रशासन का पक्ष उपलब्ध नहीं कराया गया।

