चंडीगढ़: चंडीगढ़ के प्रशासक श्री गुलाब चंद कटारिया के सौजन्य से चंडीगढ़ को नशा मुक्ति का आह्वान पर संजीव वर्मा द्वारा शिव मंदिर धनास में आज Gen Z against drugs की मुहिम को लेकर एक महत्वपूर्ण आयोजन किया गया, जिसमें स्थानीय लोगों ने बढ़-चढ़ कर भाग लिया और नशे के खिलाफ अपनी मजबूत एकजुटता एवं समर्थन का अहसास कराया।
नशा सिर्फ व्यक्ति नहीं, पूरे परिवार को करता है बर्बाद
संजीव वर्मा ने बताया कि नशा केवल एक व्यक्ति को नहीं बल्कि पूरे परिवार और समाज को बर्बाद करता है। इसी मौके पर अलग-अलग बुद्धिजीवियों ने नशे के खिलाफ अपने विचार रखे।
मां की सूनी गोद का दर्द बयां करते हुए बोले सेवादार पठानिया जी
शिव मंदिर के सेवादार पठानिया जी ने कहा कि चंडीगढ़ हो, पंजाब हो या हिमाचल हो, नशे की बढ़ती भयावहता हमारे समाज, हमारे परिवारों और हमारी आने वाली पीढ़ी के लिए गंभीर संकट बन चुकी है। हर दिन किसी न किसी घर से दुखद खबर आती है, जो एक मां की गोद को सूना कर जाती है और पूरे परिवार को जिंदगी भर दुख-दर्द दे जाती है।
20 सितंबर को सेक्टर 17 प्लाजा में होगा बड़ा जुटान
शिव मंदिर के प्रधान मोहिंदर सिंह ने बताया कि 20 सितंबर 2026 दिन रविवार को सेक्टर 17 प्लाजा चंडीगढ़ में इकट्ठे होकर सभी मिलकर ऐसा समाज बनाएं जहां बच्चे सुरक्षित, स्वस्थ और उज्ज्वल भविष्य के साथ आगे बढ़ सकें, और किसी मां की आंखों के सामने अपने बच्चे को खोने से आंसू आने से पहले सब एकजुट हो जाएं।
जागरूकता अभियान में रहे मौजूद कई लोग
इस जागरूक अभियान में प्रवीण कुमार, यशपाल जी शिवकरण, नरिंदर सिंह, विजय, हरभजन, महिला शक्ति जिन्होंने नशे के विरुद्ध आवाज उठाई, सतिंदर पाल सिंह भी मौजूद थे।

संपादकीय टिप्पणी:
नशे के खिलाफ इस तरह के जमीनी स्तर के जागरूकता अभियान समाज में एक सकारात्मक संदेश देते हैं, खासकर जब यह किसी धार्मिक स्थल जैसे शिव मंदिर से शुरू होता है, जहां लोगों की श्रद्धा और भरोसा स्वाभाविक रूप से जुड़ा होता है। सेवादार पठानिया जी द्वारा व्यक्त की गई पीड़ा यह दर्शाती है कि नशे की समस्या अब केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं, बल्कि हर परिवार की भावनात्मक त्रासदी बन चुकी है। 20 सितंबर को होने वाला आयोजन इस मुहिम को और व्यापक बनाने की दिशा में एक अहम कदम है। हालांकि असली चुनौती यह होगी कि ऐसे जागरूकता अभियान केवल एक दिन के आयोजन तक सीमित न रहकर निरंतर सामाजिक बदलाव की दिशा में आगे बढ़ें, ताकि आने वाली पीढ़ी को वास्तव में सुरक्षित भविष्य मिल सके।
