चंडीगढ़: कागजों में सिटी ब्यूटीफुल कहे जाने वाले चंडीगढ़ शहर की एक ऐसी बदसूरत और खौफनाक तस्वीर सामने आई है, जो प्रशासनिक दावों और पूरे सिस्टम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है। जब हमारे पत्रकार ने सैक्टर 26 स्थित ग्रेन मार्किट (सब्जी मंडी) का धरातल पर दौरा किया, तो वहां का नजारा बेहद भयावह और चिंताजनक दिखाई दिया। कागजी दावों से इतर हकीकत यह दर्शाती है कि इस तथाकथित हाईटेक मंडी में दाखिल होते ही हर रोड पर कीचड़, सीवरेज का बहता गंदा पानी और गंदगी के विशाल ढेर उपभोक्ताओं का स्वागत करते नजर आते हैं।
गंदगी के ढेर और दूषित सब्जी का कड़वा सच
मंडी परिसर के अंदर और बाहर चारों तरफ सिर्फ और सिर्फ गंदगी का साम्राज्य पसरा हुआ है। सड़ांध मारते वातावरण के बीच उपभोक्ता उसी कीचड़ और सीवरेज के गंदे पानी में से सब्जियां खरीदने को मजबूर हैं। हैरान कर देने वाली बात यह है कि सीवरेज का दूषित पानी खुलेआम सब्जियों को खराब कर रहा है और लोगों की सेहत के साथ सीधा खिलवाड़ किया जा रहा है। वहां के हालात देखकर ऐसा प्रतीत होता है मानो यह पसरी हुई गंदगी खुद पुकार-पुकार कर कह रही हो कि उपभोक्ता कब इस दूषित सब्जी को खाएंगे और बीमारियों की गिरफ्त में आएंगे।
सिस्टम की नाकामी और जवाबदेही पर बड़े सवाल
इस पूरी व्यवस्था ने सरकारी मशीनरी की पोल खोलकर रख दी है। यह बेहद गंभीर और जांच का विषय है कि आखिर चंडीगढ़ प्रशासन का सारा सिस्टम कहां गायब हो गया है। लाखों लोगों की सेहत से जुड़े इस संवेदनशील मुद्दे पर आखिर मंडीकरण विभाग अपनी आंखें मूंदकर क्यों बैठा है? यह पूरी जिम्मेदारी मंडीकरण विभाग की बनती है या किसी अन्य प्रशासनिक संस्था की, यह जांच के बाद ही साफ हो पाएगा, लेकिन फिलहाल आम जनता इस प्रशासनिक अनदेखी का खमियाजा अपनी सेहत दांव पर लगाकर भुगत रही है।



संपादकीय टिप्पणी: चंडीगढ़ जैसे योजनाबद्ध और आधुनिक शहर की मुख्य सब्जी मंडी में सीवरेज का गंदा पानी और कचरे के ढेर होना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक है। यह न केवल स्वच्छता अभियानों के खोखलेपन को उजागर करता है, बल्कि आम नागरिकों के स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा के प्रति जिम्मेदार अधिकारियों की घोर लापरवाही को भी दर्शाता है। मंडीकरण विभाग और संबंधित प्रशासन को तुरंत इस मामले का संज्ञान लेकर सफाई व्यवस्था दुरुस्त करनी चाहिए और लापरवाह कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए ताकि जनता को बीमारी के साए से बचाया जा सके।
