चंडीगढ़: देश के राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में जब किसी महा-दौरे की सुगबुगाहट होती है, तो व्यवस्थाएं खुद-ब-खुद रफ्तार पकड़ लेती हैं। माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के 17 जुलाई को चंडीगढ़ आगमन को लेकर शहर में प्रशासनिक और राजनीतिक हलचल अपने चरम पर पहुंच चुकी है। इस बेहद महत्वपूर्ण और हाई-प्रोफाइल दौरे के दृष्टिगत आज केंद्रीय मंत्री श्री जे. पी. नड्डा जी तथा पंजाब के राज्यपाल एवं यूटी चंडीगढ़ के प्रशासक श्री गुलाब चंद कटारिया जी ने खुद कमान संभालते हुए मैदान का रुख किया। इस वीआईपी चौकड़ी की नजरें शहर के सबसे प्रतिष्ठित संस्थान पर टिकी थीं, जहां आने वाले दिनों में देश के विकास का एक नया खाका खींचा जाना है।
चाक-चौबंद व्यवस्था और पीईसी का मैदान
केंद्रीय मंत्री श्री जे. पी. नड्डा और राज्यपाल श्री गुलाब चंद कटारिया ने पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (PEC), चंडीगढ़ का विशेष दौरा किया। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य प्रधानमंत्री के कार्यक्रम स्थल की व्यवस्थाओं और चल रही तैयारियों का विस्तृत और बारीक निरीक्षण करना था। अधिकारियों की मौजूदगी में कार्यक्रम स्थल के एक-एक कोने को परखा गया ताकि सुरक्षा से लेकर बैठने की व्यवस्था तक में किसी भी प्रकार की कोई कसर बाकी न रह जाए।
विकास की नई गति और संकल्पों की उड़ान
माननीय प्रधानमंत्री जी का यह दौरा महज एक औपचारिक वीआईपी मूवमेंट नहीं है, बल्कि यह चंडीगढ़ के विकास को एक नई और अभूतपूर्व गति देने वाला साबित होने जा रहा है। इस दौरे के दौरान केवल विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण ही नहीं किया जाएगा, बल्कि यह कदम ‘विकसित भारत’ और ‘विकसित चंडीगढ़’ के बड़े संकल्प को और अधिक सशक्त तथा मजबूत बनाने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा।
भावी बदलाव और ऐतिहासिक कदम
जैसे-जैसे 17 जुलाई की तारीख नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे चंडीगढ़ प्रशासन और केंद्रीय नेतृत्व इस आयोजन को ऐतिहासिक बनाने के लिए दिन-रात एक कर रहा है। परियोजनाओं की सौगात और प्रधानमंत्री की सीधी मौजूदगी शहर के बुनियादी ढांचे और भविष्य की रूपरेखा को बदलने का माद्दा रखती है। इस निरीक्षण के बाद अब फाइनल तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
संपादकीय टिप्पणी: माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के चंडीगढ़ आगमन से पहले केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा और राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया द्वारा पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज का निरीक्षण करना यह दर्शाता है कि केंद्र सरकार चंडीगढ़ को लेकर कितनी गंभीर है। यह दौरा सिर्फ घोषणाओं का मंच नहीं, बल्कि ‘विकसित भारत’ के संकल्प को जमीनी स्तर पर उतारने का जरिया है। चंडीगढ़ जैसे रणनीतिक और आधुनिक शहर के लिए प्रधानमंत्री का यह दौरा विकास की नई इबारत लिखेगा, बशर्ते इन परियोजनाओं का लाभ सीधे जनता तक पहुंचे।
