पंचकूला: आधुनिक दौर में बदलती जीवनशैली और स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही महिलाओं के लिए गंभीर बीमारियों का कारण बन रही है। इसी संवेदनशील विषय को मुख्य रखकर सेक्टर-12ए, रैली पंचकूला स्थित शिवा कॉम्प्लेक्स में एक विशेष महिला स्वास्थ्य जागरूकता सेमिनार का आयोजन किया गया। इस सेमिनार का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को ब्रेस्ट कैंसर, सर्वाइकल (गर्भाशय ग्रीवा) कैंसर और महिला स्वच्छता (Women’s Hygiene) जैसे अति-महत्वपूर्ण विषयों के प्रति सचेत करना था। कार्यक्रम में स्वास्थ्य जागरूकता विशेषज्ञ डॉ. मीना चड्ढा (चंडीगढ़) ने मुख्य वक्ता के रूप में शिरकत की और महिलाओं को सेहतमंद रहने के व्यावहारिक गुरुमंत्र दिए।
दो जानलेवा दुश्मन और समय पर पहचान की ढाल
सेमिनार को संबोधित करते हुए प्रसिद्ध होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. मीना चड्ढा ने एक बेहद महत्वपूर्ण और राहत देने वाली बात साझा की। उन्होंने कहा कि ब्रेस्ट कैंसर और सर्वाइकल कैंसर जैसे गंभीर रोग यदि शुरुआती चरण में पकड़ में आ जाएं, तो इनका शत-प्रतिशत सफल उपचार मुमकिन है। उन्होंने वहां उपस्थित सभी महिलाओं से पुरजोर अपील की कि वे अपने स्वास्थ्य को लेकर किसी भी तरह की कोताही न बरतें। डॉ. चड्ढा ने नियमित स्वास्थ्य जांच करवाने, स्वयं स्तन परीक्षण (Breast Self-Examination) की विधि अपनाने, समय-समय पर मैमोग्राफी करवाने, पैप स्मीयर टेस्ट और सबसे महत्वपूर्ण एचपीवी (HPV) वैक्सीनेशन जैसी निवारक स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाने का पुरजोर आग्रह किया।
स्वच्छता की संस्कृति और दैनिक जीवन में बड़े बदलाव
गंभीर बीमारियों से आगे बढ़ते हुए डॉ. मीना चड्ढा ने महिलाओं के दैनिक जीवन से जुड़े सबसे बुनियादी मगर उपेक्षित पहलू यानी इंटीमेट हाइजीन (Intimate Hygiene) पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने मासिक धर्म के दौरान बरती जाने वाली स्वच्छता के महत्व को समझाया और कहा कि जागरूकता ही गंभीर बीमारियों से बचाव का सबसे प्रभावी माध्यम है। इसके साथ ही उन्होंने महिलाओं को एक संपूर्ण और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया, जिसमें संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, पर्याप्त नींद और तनाव प्रबंधन को अनिवार्य रूप से शामिल करने की सलाह दी गई ताकि शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत बनी रहे।
जिज्ञासाओं का समाधान और समाज में बदलाव की नई बयार
इस सेमिनार के अंतिम चरण में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली, जहां उपस्थित महिलाओं ने बेहद उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपने स्वास्थ्य से जुड़े अनेक सवाल पूछे। डॉ. मीना चड्ढा ने महिलाओं की झिझक को दूर करते हुए इन सभी शंकाओं और प्रश्नों के बेहद सरल, व्यावहारिक एवं वैज्ञानिक तरीके से जवाब दिए। कार्यक्रम में शामिल कविता रानी, मनप्रीत और अन्य प्रतिभागियों ने इस जागरूकता अभियान की दिल से सराहना की। उन्होंने एकमत होकर कहा कि ऐसे कार्यक्रम महिलाओं के स्वास्थ्य के प्रति समाज में चेतना का स्तर बढ़ाने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम का समापन एक बेहद सशक्त और प्रेरणादायक संदेश के साथ किया गया कि— “Be Aware, Be Healthy, Be Strong – Because You Matter” अर्थात “जागरूक बनें, स्वस्थ रहें और सशक्त बनें – क्योंकि आपका स्वास्थ्य सबसे महत्वपूर्ण है।”
संपादकीय टिप्पणी: पंचकूला में आयोजित यह स्वास्थ्य जागरूकता सेमिनार इस बात का जीवंत प्रमाण है कि समाज में महिलाओं के स्वास्थ्य को लेकर आज भी एक बड़े विमर्श और जागरूकता की सख्त आवश्यकता है। ब्रेस्ट और सर्वाइकल कैंसर जैसी बीमारियां अक्सर सिर्फ इसलिए जानलेवा रूप अख्तियार कर लेती हैं क्योंकि महिलाएं शर्म या झिझक के कारण शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज कर देती हैं। डॉ. मीना चड्ढा जैसी स्वास्थ्य विशेषज्ञों द्वारा जमीनी स्तर पर जाकर महिलाओं को स्वयं परीक्षण और वैक्सीनेशन के प्रति प्रेरित करना बेहद श्लाघनीय कदम है। किसी भी सशक्त समाज की नींव इस बात पर टिकी होती है कि उसकी महिलाएं कितनी स्वस्थ और जागरूक हैं, इसलिए इस प्रकार के जागरूकता अभियानों को लगातार और व्यापक स्तर पर चलाया जाना चाहिए।
