चण्डीगढ़: अमर क्रांतिवीर पंडित चंद्रशेखर आजाद की जयंती के पावन अवसर पर चंडीगढ़ के सैक्टर 37 सी स्थित भगवान परशुराम भवन में एक विशेष रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। श्री ब्राह्मण सभा चण्डीगढ़ के तत्वावधान में आयोजित यह कार्यक्रम देशभक्ति, मानवता और सामाजिक उत्तरदायित्व का एक अनूठा संगम बनकर उभरा। पीजीआईएमईआर (PGIMER) चण्डीगढ़ की विशेषज्ञ टीम की देखरेख में आयोजित इस शिविर में रक्तदाताओं का उत्साह देखते ही बनता था।
तीन दशक की परंपरा और राष्ट्रनायकों का नमन
श्री ब्राह्मण सभा चण्डीगढ़ के अध्यक्ष यशपाल तिवारी ने बताया कि सभा द्वारा हर वर्ष 23 जुलाई को पंडित चंद्रशेखर आजाद के जन्मदिवस पर रक्तदान शिविर आयोजित करने की परंपरा रही है। वरिष्ठ उपाध्यक्ष जीवन कुमार शर्मा के अनुसार सभा वर्ष में दो बार इस महादान का आयोजन करती है, जिसमें से दूसरा शिविर नवंबर माह में अमर शहीद भाई मति दास, भाई सती दास और भाई दयाला जी की स्मृति में लगाया जाता है। यह संस्था द्वारा आयोजित 23वाँ सफल रक्तदान शिविर था, जिसने समाज में सेवा भाव की मिसाल कायम की।
दीप प्रज्ज्वलन के साथ क्रांतिवीरों को श्रद्धांजलि
शिविर का विधिवत शुभारंभ चंडीगढ़ के लोकप्रिय नेता संजय टंडन और पंजाब ब्राह्मण सभा के प्रदेशाध्यक्ष शेखर शुक्ला ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित करके किया। इस मौके पर अनुशासित तरीके से आयोजित शिविर में कुल 53 रक्तदानवीरों ने स्वेच्छा से रक्तदान किया। जय मधुसूदन जय श्रीकृष्ण फाउंडेशन द्वारा पर्यावरण संरक्षण और प्रकृति संवर्धन का संदेश देते हुए सभी रक्तदाताओं को पौधे भेंट किए गए, जबकि श्री ब्राह्मण सभा द्वारा उन्हें विशेष स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया।
मानवता का संदेश और सहयोगियों का आभार
समारोह को संबोधित करते हुए संजय टंडन ने कहा कि रक्तदान महादान है, जो निस्वार्थ भाव से जीवन बचाने का कार्य करता है। उन्होंने रक्तदान और नेत्रदान को सर्वोच्च दान बताया। पंजाब ब्राह्मण सभा के प्रदेशाध्यक्ष शेखर शुक्ला ने युवाओं से नियमित रक्तदान करने की अपील की। शिविर के दौरान डाइट कंसल्टेंट डॉ. कमलजीत कौर नेचुरोपैथ ने उपस्थित लोगों को आयुर्वेदिक एवं यौगिक जीवनशैली के सूत्र बताए। अंत में सभा के उपाध्यक्ष प्रदीप शर्मा और वरिष्ठ सलाहकार रवि कांत शर्मा ने सभी सहयोगियों और रक्तदाताओं का धन्यवाद किया।
संपादकीय टिप्पणी: पंडित चंद्रशेखर आजाद जैसे महान अमर शहीदों की स्मृति में रक्तदान जैसे सेवा कार्यों का आयोजन समाज के लिए एक प्रेरणादायक पहल है। इस प्रकार के आयोजन न केवल हस्पतालों में रक्त की कमी को पूरा करते हैं, बल्कि युवा पीढ़ी को अपने इतिहास और सामाजिक कर्तव्यों से भी जोड़ते हैं। पर्यावरण संवर्धन के लिए पौधों का वितरण इस आयोजन को और भी अनुकरणीय बनाता है।
