मनीमाजरा: मनीमाजरा को चंडीगढ़ प्रशासन द्वारा कागजों में तो सेक्टर 13 का हाई-टेक दर्जा दे दिया गया, लेकिन जमीनी हकीकत आज भी बेहद बदतर बनी हुई है। यहां के हजारों निवासी 21वीं सदी में भी बुनियादी सहूलियतों के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं। इसी गंभीर मुद्दे को लेकर ऑल मनीमाजरा रेजिडेंट्स एवं वेलफेयर एसोसिएशन ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया, जिसमें प्रशासन की वादाखिलाफी और दावों की धज्जियां उड़ाई गईं।
कागजी सेक्टर 13 और फ्लॉप पानी का पायलट प्रोजेक्ट
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एसोसिएशन के प्रधान राजबीर सिंह भारतीय ने कड़े शब्दों में कहा कि मनीमाजरा को सेक्टर 13 का नाम तो दे दिया गया, लेकिन सुविधाएं आज भी शून्य हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब दर्जा सेक्टर 13 का मिला है, तो सुविधाएं भी उसी तर्ज पर मिलनी चाहिए। चौबीसों घंटे स्वच्छ पानी की आपूर्ति के लिए शुरू किए गए बहुचर्चित पायलट प्रोजेक्ट पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि इस प्रोजेक्ट के बावजूद लोगों को न तो पर्याप्त पानी मिल रहा है और न ही साफ पानी, जो कि एक अत्यंत चिंताजनक विषय है।
बच्चों के भविष्य, खेल मैदान और कॉलेज की मांग
राजबीर सिंह भारतीय ने क्षेत्र में लड़कियों के लिए एक अलग कॉलेज और बच्चों के लिए खेल के मैदानों की तत्काल आवश्यकता जताई। उन्होंने कहा कि युवाओं और बच्चों को पर्याप्त खेल सुविधाएं प्रदान करके ही उन्हें नशे और अन्य सामाजिक बुराइयों से दूर रखा जा सकता है। इसके अलावा, क्षेत्र की टूटी सड़कें, सीवरेज व्यवस्था और पार्कों में आवारा कुत्तों के लगातार बढ़ते आतंक पर भी गहरी चिंता जताई गई। हर दिन लोग आवारा कुत्तों के काटने का शिकार हो रहे हैं, जबकि प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है।
एनओसी का पेंच और धरातल पर काम की मांग
एसोसिएशन ने एनओसी (NOC) से जुड़ी समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाया और प्रशासन से मांग की कि एनओसी के लंबित मामलों पर स्थिति तुरंत स्पष्ट की जाए। इस मौके पर चेयरमैन सुभाष धीमान ने कहा कि मनीमाजरा के लोग सालों से अपनी जायज मांगें उठा रहे हैं, लेकिन उन्हें सिर्फ आश्वासन ही मिले हैं। उन्होंने दो टूक कहा कि अब कागजी आश्वसनों का दौर खत्म होना चाहिए और धरातल पर वास्तविक काम दिखना चाहिए।
संपादकीय टिप्पणी: मनीमाजरा को सेक्टर 13 घोषित करना सिर्फ एक प्रशासनिक औपचारिकता बनकर रह गया है, जिसका खमियाजा वहां की जनता भुगत रही है। ऑल मनीमाजरा रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन द्वारा उठाए गए मुद्दे अत्यंत संवेदनशील और जनहित से जुड़े हैं। पानी, सीवरेज, सड़कें, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत जरूरतें किसी भी नागरिक का मौलिक अधिकार हैं। प्रशासन को महज पायलट प्रोजेक्ट्स और कागजी दावों तक सीमित न रहकर इन जमीनी समस्याओं का स्थायी और त्वरित समाधान करना चाहिए, ताकि मनीमाजरा के निवासियों को वास्तव में सेक्टर 13 जैसा जीवन स्तर मिल सके।
