चंडीगढ़: चिलचिलाती धूप और गर्मी की भीषण तपश के बीच मानवता की सेवा के लिए कश्यप समाज ने दानवीरों के साथ मिलकर एक सराहनीय कदम उठाया है। कश्यप राजपूत सभा सेक्टर 37सी चंडीगढ़ में चेयरमैन सः कुलवंत सिंह के सौजन्य से आज ठंडे-मीठे जल की छबील लगाई गई और चने के प्रसाद का वितरण किया गया। इस धार्मिक और सामाजिक आयोजन की शुरुआत सबसे पहले महर्षि कश्यप जी को भोग लगाकर और पूरे विधि-विधान से अरदास करके की गई, जिसके तुरंत बाद वहां से गुजरने वाले आम लोगों के लिए प्रसाद का वितरण शुरू हुआ। मानवता की सेवा को बरकरार रखते हुए हर साल की तरह इस बार भी चंडीगढ़ के सेक्टर 19डी मेंटेनेंस बूथ में भीषण गर्मी से राहत दिलाने के लिए हलवा-चना और ठंडी छबील का एक भव्य आयोजन किया गया। इस पुनीत कार्य के लिए सुबह से ही सेवादारों ने अपनी सक्रिय हाजिरी लगाई और बाबा जी का आशीर्वाद लेकर लंगर बनाने की शुरुआत की। लंगर तैयार होने के बाद गुरुद्वारा सेक्टर 19 के भाई साहब द्वारा पूरे विधि-विधान से विशेष अरदास की गई, जिसके तुरंत बाद इस छबील की शुरुआत की गई जिसने चिलचिलाती धूप में सफर कर रहे लोगों को बड़ी राहत दी।
श्रद्धा और सेवा का संगम
इस विशेष अवसर पर आने-जाने वाले अनगिनत राहगीरों ने छबील का ठंडा जल पीकर गर्मी की असहनीय तपश को कम किया और बड़े ही चाव से चने का प्रसाद ग्रहण किया। कार्यक्रम के दौरान दानी सज्जनों ने इस सेवा कार्य में बढ़-चढ़कर भाग लिया और अपनी श्रद्धा अर्पित कर पुण्य कमाया। इस आयोजन की एक और सबसे मुख्य बात यह रही कि समाज की तरफ से सेवा में योगदान देने वाले सभी दानी सज्जनों को सरोपा भेंट करके विशेष रूप से सम्मानित किया गया, जिसने कार्यक्रम में गरिमा और बढ़ा दी।
बच्चों और महिलाओं की अनूठी भागीदारी
इस पुनीत कार्य में कश्यप समाज की महिला सेवादारों ने भी बखूबी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और सेवा के हर कार्य में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इसके साथ ही, घर के छोटे बच्चों ने भी अपनी इस समृद्ध सांस्कृतिक भावना और संस्कारों से प्रेरित होकर राहगीरों को पानी पिलाने में पूरी लगन से सेवा प्रदान की। यह दृश्य वहां मौजूद हर शख्स के लिए प्रेरणादायी था कि किस तरह नई पीढ़ी अपनी संस्कृति और सेवा भाव से जुड़ रही है।
प्रमुख हस्तियों की गरिमामयी उपस्थिति
इस पूरे कार्यक्रम को सफल बनाने में कश्यप समाज की कई प्रमुख हस्तियों ने अपनी सक्रिय भूमिका निभाई। इस अवसर पर सः कुलवंत सिंह चेयरमैन, सीनियर चेयरमैन तरलोक कुमार, सः जीत सिंह गाडा, विनोद कुमार बिट्टू, सः भूपिन्दर सिंह, कृष्ण कुमार, कुलवंत, राजिंदर कुमार सिंह, प्रेम सिंह, प्रवीण कुमार, जोगा सिंह प्रेमी, नरिंदर सिंह, मंजीत सिंह, विजय जी, हीरा लाल, बिट्टा जी, इंदर पाल सिंह, अशोक कुमार, राजीव कुमार और समाज की कई अन्य जानी-मानी शख्सियतों ने उपस्थित होकर अपनी सेवाएं दीं।

श्रद्धा का सैलाब और प्रसाद की कशिश
सुबह से ही मेंटेनेंस बूथ के पास लोगों की भारी भीड़ देखने को मिली, जहां ठंडी छबील राहगीरों को अपनी ओर आकर्षित कर रही थी, वहीं हलवे और चने का स्वादिष्ट प्रसाद भी लोगों को अपनी तरफ खींच रहा था। इस तपती गर्मी से निजात पाने के लिए वहां से गुजरने वाले अनगिनत राहगीरों ने छबील को ग्रहण किया। सेवा का जज्बा इस कदर था कि लोग न केवल खुद पानी पी रहे थे, बल्कि अपने घर पर मौजूद बच्चों के लिए बोतलों में भी छबील का ठंडा पानी भर-भर कर ले जाते हुए दिखाई दिए।
नेतृत्व की रूपरेखा और कर्मचारियों का जज्बा
इस सफल धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रम की पूरी रूपरेखा इशविंदर कुमार के कुशल नेतृत्व में तैयार की गई थी, जिन्होंने इस पूरी सेवा में अपना बखूबी योगदान दिया। इस अवसर पर मेंटेनेंस 19 बूथ के जेई रोहताश शर्मा और अन्य कर्मचारियों सहित सभी सेवादारों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपना बहुमूल्य योगदान दिया। जब इस सेवा कार्य को लेकर जेई रोहताश शर्मा से विशेष बातचीत की गई, तो उन्होंने भावुक होते हुए बताया कि इस कठिन मौसम में किसी भी प्यासे को पानी पिलाना सबसे सराहनीय और पुण्य का कदम है। उन्होंने संकल्प जताया कि भविष्य में भी ऐसी मानवीय सेवा निरंतर चलती रहेगी।
संपादकीय टिप्पणी: भीषण गर्मी के इस दौर में जब तापमान लगातार बढ़ रहा है, तब सेक्टर 19डी मेंटेनेंस बूथ के कर्मचारियों और सेवादारों द्वारा किया गया यह आयोजन समाज के प्रति उनकी गहरी संवेदनशीलता को दर्शाता है। एक सरकारी महकमे के कर्मचारियों का अपनी व्यस्त दिनचर्या से समय निकालकर निस्वार्थ भाव से राहगीरों के लिए ठंडे पानी और प्रसाद की व्यवस्था करना बेहद अनुकरणीय है। ऐसे आयोजन न केवल इंसानी प्यास बुझाते हैं, बल्कि आधुनिक समाज में आपसी भाईचारे और कलेक्टिव कम्युनिटी सर्विस की भावना को भी जीवित रखते हैं। बच्चों के लिए बोतलों में पानी भरकर ले जाने वाले राहगीरों का दृश्य यह साबित करता है कि जमीनी स्तर पर इस तरह के सेवा कार्यों की कितनी बड़ी आवश्यकता है। भीषण गर्मी के इस दौर में जब आम इंसान धूप और तपश से बेहाल है, तब कश्यप राजपूत सभा चंडीगढ़ द्वारा की गई यह पहल समाज के प्रति उनकी गहरी मानवीय संवेदनाओं को प्रकट करती है। ऐसे आयोजन न केवल लोगों को तात्कालिक राहत प्रदान करते हैं, बल्कि समाज में आपसी भाईचारे और निस्वार्थ सेवा की भावना को भी मजबूत करते हैं। सबसे सराहनीय पहलू यह है कि इस आयोजन में महिलाओं और छोटे बच्चों को भी शामिल किया गया, जिससे आने वाली पीढ़ी में अपनी संस्कृति और सामाजिक उत्तरदायित्वों के प्रति चेतना विकसित होती है। दानी सज्जनों का सम्मान करना और समाज के हर वर्ग को एक साथ लेकर चलना इस बात का प्रमाण है कि इंसानियत की सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है।
