चंडीगढ़: वार्ड नंबर 23 में गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल के साथ लगते पार्क में सुबह के समय बुजुर्गों और बच्चों को सैर करने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था, क्योंकि पार्क के अंदर की सड़क पूरी तरह टूटी हुई थी। इस समस्या को लेकर सभी सेक्टर वासियों ने अपने वार्ड की काउंसलर प्रेमलता जी से संपर्क किया और अपनी व्यथा बताई। जनसमस्या को गंभीरता से लेते हुए काउंसलर प्रेमलता जी ने तुरंत कार्रवाई करवाई और उस टूटी रोड को पूरी तरह नया बनवा दिया, जिससे राहत महसूस करते हुए सेक्टर वासियों ने प्रेमलता जी का सहृदय धन्यवाद किया।
अंधेरे का साया और पनपती गलत गतिविधियां
सड़क बनने के बाद भी सेक्टर वासियों की राह पूरी तरह आसान नहीं हुई थी, क्योंकि रात के समय पार्क में सैर करना अभी भी बेहद मुश्किल बना हुआ था। पार्क में पर्याप्त रोशनी और लाइटें ना होने की वजह से वहां असामाजिक व गलत गतिविधियां चलने लगी थीं। इस स्थिति के कारण रात के वक्त स्थानीय निवासियों और परिवारों के लिए सैर पर निकलना चिंता का विषय बन गया था।
काउंसलर का आश्वासन और पूरा हुआ वादा
सुरक्षा और असुविधा की इस गंभीर समस्या को लेकर सेक्टर वासी एक बार फिर काउंसलर प्रेमलता जी के पास पहुंचे और अपनी परेशानी उनके समक्ष रखी। प्रेमलता जी ने उन्हें आश्वस्त करते हुए कहा कि आप फिक्र मत करें, आपका यह काम भी बहुत जल्दी पूरा करवा दिया जाएगा। काउंसलर के इस भरोसे के बाद आज वह शुभ दिन आ ही गया, जब पार्क का कायाकल्प पूरा हुआ।
सांसद मनीष तिवारी के हाथों हुआ भव्य उद्घाटन
आज इस पार्क में नौ हाई मास्ट लाइटों का आधिकारिक उद्घाटन माननीय सांसद मनीष तिवारी जी के कर-कमलों द्वारा संपन्न हुआ। इस विशेष अवसर पर सेक्टर वासियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपने क्षेत्र की काउंसलर प्रेमलता जी का जोरदार धन्यवाद किया। निवासियों ने कहा कि प्रेमलता जी हमेशा हमारे बीच में ही रहती हैं और जब भी कोई परेशानी होती है, वे उनसे सीधे मिलकर अपनी समस्या बता देते हैं। काउंसलर हर समस्या को तय समय के भीतर हल करवा देती हैं, जिसके लिए पूरा क्षेत्र उनका दिल से आभार व्यक्त करता है।
संपादकीय टिप्पणी: किसी भी रिहायशी इलाके में पार्कों का सुरक्षित और सुव्यवस्थित होना स्थानीय नागरिकों के शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य के लिए बेहद अनिवार्य है। वार्ड नंबर 23 में काउंसलर प्रेमलता जी द्वारा जनता की मांग पर पहले टूटी सड़कों का पुनर्निर्माण और फिर नौ हाई मास्ट लाइटों की व्यवस्था करवाना जन-प्रतिनिधित्व की एक बेहतरीन मिसाल पेश करता है। अंधेरे के कारण पनपने वाली असामाजिक गतिविधियों पर रोशनी का यह पहरा न केवल सुरक्षा का माहौल कायम करेगा, बल्कि बुजुर्गों और बच्चों के लिए सैर को सुखद बनाएगा। शासन और प्रशासन के ऐसे ही त्वरित और जनहितैषी प्रयासों से जमीनी स्तर पर सकारात्मक बदलाव संभव होते हैं।
