चंडीगढ़: किसी भी सामाजिक संस्था की मजबूती और उसकी निरंतर प्रगति इस बात पर निर्भर करती है कि उसे संभालने वाला नेतृत्व कितना ईमानदार और सबको साथ लेकर चलने वाला है। दी चंडीगढ़ कश्यप राजपूत सभा में पिछले तीन वर्षों से लगातार कुलवंत सिंह ने अपनी बेहतरीन कार्यशैली और साफ-सुथरी छवि से समाज के बीच एक अमिट छाप छोड़ी है। यही कारण है कि संस्था के इतिहास में एक बार फिर उनकी नेतृत्व क्षमता पर मुहर लगाते हुए, उन्हें वर्ष 2026-27 के लिए चौथी बार सर्वसम्मति से सभा का अध्यक्ष चुना गया है। श्री कुलवंत सिंह के दोबारा अध्यक्ष बनने की घोषणा होते ही पूरी सभा और कमेटी के सदस्यों में खुशी की एक नई लहर दौड़ गई।
भवन की कायाकल्प और दानशीलता की अनूठी मिसाल
श्री कुलवंत सिंह ने अपने पिछले तीन वर्षों के कार्यकाल के दौरान सभा के भवन को आधुनिक और बेहतर बनाने के लिए कई सराहनीय कार्य किए हैं। उनकी दानशीलता और समाज के प्रति समर्पण का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पिछले साल उन्होंने अपने पोते के जन्मदिन के शुभ अवसर पर भवन के लिए एक एयर कंडीशनर (एसी) डोनेट किया था। इस बार भी चौथी बार अध्यक्ष पद की गरिमामयी जिम्मेदारी संभालते ही उन्होंने अपनी इस परंपरा को जारी रखा और तुरंत डेढ़ टन का एक और नया एसी भवन को दान कर दिया, जिससे आने वाले समय में भवन में आने वाले लोगों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
नेकदिली का नेतृत्व और पूरी टीम का अटूट सम्मान
पूरी सभा को अपने अध्यक्ष पर बेहद मान है क्योंकि कुलवंत सिंह एक बेहद साफ दिल, नेक दिल और सरल इंसान के रूप में जाने जाते हैं। वे अपनी पूरी कमेटी को हमेशा एक परिवार की तरह साथ लेकर चलते हैं और संस्था से जुड़ी किसी भी छोटी-बड़ी बात या समस्या को बेहद सरल एवं सुलझे हुए ढंग से हल कर देते हैं। इस सम्मान के लिए श्री कुलवंत सिंह ने अपनी पूरी टीम का हृदय से आभार और धन्यवाद व्यक्त किया। वहीं दूसरी ओर, पूरी टीम ने उन्हें फूलों का हार पहनाकर उनका भव्य स्वागत किया और उनके नेतृत्व में संस्था को और ऊंचाइयों पर ले जाने का संकल्प लिया।
संपादकीय टिप्पणी: श्री कुलवंत सिंह का लगातार चौथी बार सर्वसम्मति से अध्यक्ष चुना जाना इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि जब कोई नेता निस्वार्थ भावना, पारदर्शिता और नेकदिली से समाज की सेवा करता है, तो उसका विकल्प ढूंढना नामुमकिन हो जाता है। अपने पारिवारिक कार्यक्रमों या व्यक्तिगत जीतों को संस्था के विकास के साथ जोड़ना और बार-बार अपनी जेब से दान देकर भवन को आधुनिक बनाना उनकी उच्च सोच को दर्शाता है। किसी भी सामाजिक संगठन की असली ताकत उसकी एकता होती है, और कुलवंत सिंह जिस तरह पूरी कमेटी की हर छोटी-बड़ी समस्या को सरलता से सुलझाकर सबको साथ लेकर चल रहे हैं, वह आने वाले समय में दी चंडीगढ़ कश्यप राजपूत सभा को और अधिक सशक्त तथा प्रगतिशील बनाएगा।
