चंडीगढ़: पिछले कुछ दिनों से जारी भीषण गर्मी और असहनीय उमस ने हर किसी को बुरी तरह परेशान कर रखा था। लोग बिजली के अघोषित कटों और पानी के लो-प्रेशर की दोहरी मार से लगातार जूझ रहे थे। ऐसे संकटपूर्ण समय के बीच मौसम ने एक करवट ली और चंडीगढ़ के आसमान को बादलों ने चारों तरफ से अपनी आगोश में ले लिया, जिससे भीषण तपिश झेल रहे शहरवासियों को एक बड़ी राहत नसीब हुई।
ठंडी हवाओं का वीएचएस और उमस का खात्मा
आज सुबह से ही आसमान में बादलों का डेरा जमा हुआ था और ठंडी हवाएं चलने लगी थीं। इन ठंडी हवाओं के चलने से लोगों को उमस भरी गर्मी से तुरंत राहत महसूस होने लगी। देखते ही देखते घने काले बादलों ने पूरे चंडीगढ़ को ढक लिया और मौसम पूरी तरह से सुहाना हो गया, जिसने पिछले कई दिनों की तपन को पल भर में शांत कर दिया।
एक घंटे का तांडव और असमान बरसात
मौसम के इस बदले मिजाज के बाद आसमान से राहत की बूंदें झमाझम बरसने लगीं और देखते ही देखते करीब एक घंटे तक झमाझम बारिश हुई। इस बरसात के दौरान शहर के अलग-अलग हिस्सों में असमान वितरण देखने को मिला, जहां चंडीगढ़ के कुछ सेक्टरों में बादल जमकर बरसे, वहीं कुछ अन्य सेक्टरों में अपेक्षाकृत कम बारिश दर्ज की गई।
संकट के बीच प्रकृति का मरहम
इस एक घंटे की बरसात ने चंडीगढ़ की तपती सड़कों और बेहाल जनजीवन को शीतलता प्रदान की है। जो लोग सुबह तक बिजली की किल्लत और पानी की कम सप्लाई से त्रस्त होकर पसीने से तरबतर हो रहे थे, उनके चेहरे पर इस मानसूनी फुहार ने मुस्कान ला दी है और शहर के तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है।
संपादकीय टिप्पणी: भीषण गर्मी, बिजली संकट और पानी की कम सप्लाई से जूझ रहे चंडीगढ़ के नागरिकों के लिए यह बारिश किसी वरदान से कम नहीं है। प्रकृति ने अपने स्तर पर राहत की बूंदें बरसाकर जनता को फौरी तौर पर सुकुन तो दे दिया है, लेकिन इस मौसमी बदलाव ने प्रशासनिक तैयारियों के सामने भी एक आईना रख दिया है। बिजली के कट और पानी के लो-प्रेशर जैसी बुनियादी समस्याओं का समाधान केवल मौसम के भरोसे नहीं छोड़ा जा सकता। प्रशासन को इन व्यवस्थागत कमियों को दूर करने के लिए ठोस और स्थाई कदम उठाने होंगे ताकि भविष्य में जनता को ऐसे दोहरे संकट का सामना न करना पड़े।
