चंडीगढ़: शिक्षा की अलख जगाने और प्रशासनिक कुशलता के लिए पहचानी जाने वाली गवर्नमेंट मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल (GMSSS), सेक्टर-35, चंडीगढ़ की प्रिंसिपल सीमा बी. ग्रोवर को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में विशेष रूप से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें समाज और शिक्षा के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए दिया गया है। हाल ही में चंडीगढ़ प्रेस क्लब में आयोजित ‘नारी सम्मान समारोह 2026’ के दौरान उन्हें यह सम्मान मिलना तय था, लेकिन अपनी व्यस्तता के चलते वह समारोह में नहीं पहुंच पाई थीं, जिसके चलते आज संस्था के पदाधिकारियों ने स्वयं स्कूल पहुंचकर उन्हें सम्मानित किया।
सम्मान की गरिमा और विशिष्ट अतिथि
स्पॉट लाइट 24 प्रोडक्शन की फाउंडर सरोज वर्मा नेहा और बॉलीवुड अभिनेता व एग्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर नवदीप बंधु ने स्कूल परिसर में पहुंचकर प्रिंसिपल सीमा बी. ग्रोवर को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। इस अवसर पर नवदीप बंधु ने कहा कि सीमा बी. ग्रोवर जैसी सशक्त महिलाएं समाज के लिए प्रेरणापुंज हैं, जो अपनी जिम्मेदारियों को बखूबी निभाते हुए नई पीढ़ी का भविष्य संवार रही हैं।
प्रेस क्लब के आयोजन की निरंतरता
बता दें कि स्पॉट लाइट 24 प्रोडक्शन द्वारा आयोजित ‘नारी सम्मान समारोह 2026’ में चंडीगढ़ और आसपास के क्षेत्रों की उन महिलाओं को मंच दिया गया था, जिन्होंने अलग-अलग क्षेत्रों में अपनी पहचान बनाई है। चूंकि प्रिंसिपल ग्रोवर उस समय अति आवश्यक कार्य के कारण उपस्थित नहीं हो सकी थीं, इसलिए संस्था ने उनके सम्मान को उनके कार्यस्थल पर ही प्रदान करने का निर्णय लिया।
स्कूल स्टाफ ने जताई खुशी
सम्मान समारोह के इस गौरवपूर्ण क्षण में स्कूल के डीपीई डॉ. कुलदीप मेहरा और अन्य स्टाफ सदस्य भी उपस्थित रहे। स्कूल स्टाफ ने अपनी प्रिंसिपल को मिले इस सम्मान पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि उनके मार्ग-दर्शन में स्कूल लगातार प्रगति की राह पर है। प्रिंसिपल सीमा बी. ग्रोवर ने इस सम्मान के लिए स्पॉट लाइट 24 प्रोडक्शन का आभार व्यक्त किया और इसे अपनी टीम की सामूहिक मेहनत का परिणाम बताया।
संपादकीय टिप्पणी: प्रिंसिपल सीमा बी. ग्रोवर को मिला यह सम्मान केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि उन सभी महिला शिक्षाविदों का सम्मान है जो पर्दे के पीछे रहकर राष्ट्र निर्माण में जुटी हैं। ‘स्पॉट लाइट 24 प्रोडक्शन’ की यह पहल कि वे स्वयं स्कूल पहुंचकर सम्मान दे रहे हैं, यह दर्शाता है कि योग्यता और समर्पण का सम्मान हर हाल में किया जाना चाहिए। ऐसी पहल से न केवल कार्यस्थल पर सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है, बल्कि समाज में महिलाओं के नेतृत्व कौशल को भी नई पहचान मिलती है।
